अरावली में धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन का खेल, जानिए पिछले 5 सालों में प्रशासन की कार्रवाई के चौंकाने वाले आंकड़े

उदयपुर: राजस्थान में प्रशासन और खान विभाग की सख्ती के तमाम दावों के बावजूद अवैध खनन (Illegal Mining) का काला कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अरावली की पहाड़ियों से लेकर बजरी और मार्बल क्षेत्रों तक खनन माफिया का सिंडिकेट बेखौफ सक्रिय है।

हाल ही में सामने आए पिछले 5 सालों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इन आंकड़ों से साफ होता है कि विभाग की कार्रवाई सिर्फ जुर्माना वसूलने और वाहन जब्त करने तक सीमित रह गई है, जबकि इस पूरे खेल के ‘मुख्य आरोपी’ पुलिस की पकड़ से कोसों दूर हैं।

5 साल में 53 हजार मामले, 501 करोड़ का जुर्माना

खान विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में प्रदेशभर में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 53,707 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान विभाग ने 501.31 करोड़ रुपए का भारी-भरकम जुर्माना वसूला है और 52,989 वाहन व मशीनें (डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी आदि) जब्त की हैं।

आधे मामलों में आरोपी फरार, सिर्फ चालकों पर गिरती है गाज

इन आंकड़ों का सबसे निराशाजनक पहलू यह है कि इस अवधि में 6,158 मामलों में एफआईआर (FIR) तो दर्ज की गई, लेकिन पुलिस केवल 3,412 गिरफ्तारियां ही कर सकी। यानी लगभग आधी एफआईआर के मामलों में मुख्य आरोपी पकड़े ही नहीं गए।

जानकारों का कहना है कि पुलिस और विभाग की जब्ती अक्सर वाहन चालकों तक सिमट जाती है। एफआईआर में भी ‘अज्ञात चालक’ लिख दिया जाता है, जिससे खनन माफिया के असली ‘सरगना’ साफ बच निकलते हैं।

जुर्माना अब माफिया के लिए बन गया है ‘ऑपरेशनल कॉस्ट’

अवैध खनन पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक, खनन सिंडिकेट के लिए अब यह पेनल्टी (जुर्माना) एक ‘ऑपरेशनल कॉस्ट’ (कारोबारी खर्च) बन चुकी है। पकड़े जाने पर वे निर्धारित जुर्माना भरते हैं और उनके जब्त वाहन फिर से छूट जाते हैं। इसके बाद वे फिर से उसी इलाके में अनियंत्रित उत्खनन शुरू कर देते हैं, जिससे पर्यावरण और भूजल स्तर को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।

साल 2025-26 और 2026-27 में तेज हुई कार्रवाई

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में अवैध खनन के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। इस दौरान 10,569 मामले सामने आए और रिकॉर्ड 110.96 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों (अप्रैल से 30 सितंबर 2026) में ही 5,799 मामले दर्ज हो चुके हैं और 44.33 करोड़ का जुर्माना वसूला गया है।

पिछले 5 वर्षों में अवैध खनन पर कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड

वर्षकेस दर्जएफआईआरजब्त वाहनजुर्माना (करोड़ ₹)गिरफ्तारी
2021-229,0731,0709,09288.84719
2022-239,3721,0699,36281.81432
2023-249,5631,2199,033108.32562
2024-259,3318019,34267.05397
2025-2610,5691,16710,403110.96734
2026-27 (30 सितंबर तक)5,7998325,75744.33568
कुल योग53,7076,15852,989501.313,412

विशेषज्ञों का साफ मानना है कि जब तक अवैध खनन के माफियाओं और मुख्य ऑपरेटरों पर कड़ा कानूनी शिकंजा नहीं कसा जाएगा, तब तक केवल चालान काटने और वाहन जब्ती से इस काले कारोबार पर रोक लगाना नामुमकिन है।


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