जयपुर। राजस्थान के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सरकारी सेवा में तबादलों (Transfers) पर लगे पूर्ण प्रतिबंध को अस्थाई रूप से हटा दिया है। प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय (अनुभाग-1) विभाग द्वारा आज, 19 जून 2026 को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
अति. मुख्य सचिव दिनेश कुमार के हस्ताक्षरों से जारी इस आदेश के तहत राज्य में 19 जून 2026 से लेकर 5 जुलाई 2026 तक की अवधि के बीच तबादलों पर से रोक हटाई गई है। इस फैसले के बाद उच्च शिक्षा विभाग सहित राज्य के विभिन्न प्रशासनिक विभागों में इस सरकार के कार्यकाल में पहली बार बड़े स्तर पर तबादले देखने को मिलेंगे।
इन कर्मचारियों पर रोक रहेगी यथावत (अग्रिम आदेशों तक बैन)

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी विभागों से बैन हटने के बावजूद कुछ विशेष श्रेणियों को इस बार छूट नहीं दी गई है। निम्नलिखित कार्मिकों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध अग्रिम आदेशों तक यथावत लागू रहेगा:
- शिक्षा विभाग: तृतीय श्रेणी वेतन श्रृंखला के अध्यापक (Third Grade Teachers)।
- चिकित्सा विभाग: वर्षा काल (Monsoon Season) में संभावित बीमारियों और मौसमी रोगों के दृष्टिगत चिकित्सा विभाग के कार्मिक।
तबादलों में इन श्रेणियों को दी जाएगी प्राथमिकता (Priority List)
राज्य सरकार ने पारदर्शी और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ट्रांसफर प्रक्रिया में कुछ विशेष परिस्थितियों वाले कार्मिकों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। स्थानांतरण के दौरान इन्हें वरीयता मिलेगी:
- एकल महिला, विधवा एवं परित्यक्ता कर्मचारी।
- मेडिकल बोर्ड या सक्षम स्तर द्वारा प्रमाणित असाध्य रोगों (जैसे- कैंसर, मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े, किडनी की गंभीर बीमारी अथवा अन्य प्राणघातक रोग) से ग्रसित कार्मिक।
- दीर्घावधि सेवा (लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत) वाले कर्मचारी।
- दिव्यांग कार्मिक।
- राजकीय सेवा में कार्यरत पति-पत्नी (Spouse Cases) के प्रकरण।
सभी निगमों, मंडलों और बोर्डों पर भी लागू होगा आदेश
प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी यह गाइडलाइन केवल मूल सरकारी विभागों तक ही सीमित नहीं है। आदेश के मुताबिक, तबादलों पर से रोक हटाने और प्राथमिकताओं को लागू करने का यह नियम राज्य के समस्त निगमों, मण्डलों, बोर्डों तथा स्वायत्तशाषी (Autonomous) संस्थाओं पर भी पूरी तरह प्रभावी होगा। 5 जुलाई के बाद पुनः तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा।