जयपुर, राजस्थान के विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु (DTNT) समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भजनलाल सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी जिलों में 12 से 31 जनवरी तक ‘घुमन्तु पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविर’ आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के सुशासन की दिशा में कदम
मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप, राज्य सरकार का लक्ष्य हर पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। इन शिविरों के माध्यम से घुमन्तु समुदाय के व्यक्तियों को ऑनलाइन ‘घुमन्तु पहचान प्रमाण पत्र’ जारी किए जाएंगे, जो उन्हें राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मददगार साबित होंगे।
शिविरों का आयोजन और व्यवस्थाएं
यह शिविर प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित होंगे:
- ग्रामीण क्षेत्र: समस्त पंचायत समितियों में शिविर लगेंगे।
- शहरी क्षेत्र: नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगमों में स्थानीय परिस्थिति अनुसार 5-8 वार्डों का क्लस्टर बनाकर कैंप लगाए जाएंगे।
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन शिविरों में केवल पहचान पत्र ही नहीं, बल्कि मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
निःशुल्क आवेदन और प्रभावी मॉनिटरिंग
प्रशासनिक सुगमता के लिए प्रत्येक कैंप में एक प्रभारी अधिकारी और दो-तीन ई-मित्र धारकों की नियुक्ति की जाएगी। विशेष बात यह है कि इस समुदाय के व्यक्तियों के ऑनलाइन आवेदन ई-मित्रों के माध्यम से पूर्णतः निःशुल्क भरे जाएंगे। श्री गहलोत ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
