जयपुर: राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर भजनलाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों की ओर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से प्रदेशव्यापी आंदोलन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री को इस संबंध में ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों के हितों और उनकी जायज मांगों का सकारात्मक निराकरण जल्द से जल्द करने की पुरजोर मांग की है।
महासंघ के प्रमुख पदाधिकारियों कुलदीप यादव, देवेंद्र सिंह नरूका और अजयवीर सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) को किसी भी निजी बीमा कंपनी के सुपुर्द करने के बजाय पूर्व की भांति पूर्णतः सरकार के माध्यम से ही संचालित रखा जाए, ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य लाभ सुचारू रूप से मिलता रहे। इसके अलावा, महासंघ ने पिछले काफी समय से रोके गए सरेंडर लीव (Surrender Leave) का तुरंत भुगतान करने, बजट घोषणा के अनुरूप पदोन्नति में अनुभव एवं सेवा अवधि में दो वर्ष की शिथिलता प्रदान करने और प्रदेश के संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को अतिशीघ्र पूरा करने की प्रमुख मांगें उठाई हैं। महासंघ ने अपने मुख्य 25 सूत्रीय मांगपत्र पर सरकार से सौहार्दपूर्ण वार्ता के जरिए तत्काल समाधान निकालने की पुरजोर अपील की है।
तीन चरणों में गूंजेगी आंदोलन की गूंज: कल कलेक्टरों को सौंपेंगे ज्ञापन
सरकार तक अपनी बात पहुंचाने और दबाव बनाने के लिए महासंघ ने तीन अलग-अलग चरणों में ध्यानाकर्षण की रणनीति तैयार की है। आंदोलन के प्रथम चरण के तहत कल यानी 20 मई 2026 को पूरे प्रदेश के सभी जिलों में जिला कलेक्टरों, विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रमुखों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि इसके बाद भी सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं होता है, तो द्वितीय चरण में 25 मई से 30 मई 2026 तक राज्य के समस्त कर्मचारी प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे के बीच केवल एक घंटे के लिए सांकेतिक रूप से कार्य का स्थगन (Work Suspension) करेंगे।
महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि इस एक घंटे के सांकेतिक कार्य स्थगन के बाद भी शासन स्तर पर कोई समाधान नहीं निकलता है, तो कर्मचारी विवश होकर तीसरे चरण में कदम रखेंगे। इसके तहत पूरे राजस्थान में ‘कर्मचारी जागृति यात्रा’ निकालकर सरकार के खिलाफ उग्र और व्यापक प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा। मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के साथ कुलदीप यादव, देवेंद्र सिंह नरूका, अजयवीर सिंह, ओम प्रकाश चौधरी, बहादुर सिंह, शशि शर्मा, महेश धाकड़, प्रशांत शर्मा और मोहित गुप्ता सहित महासंघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।