आमेर महल में ₹29.52 करोड़ के विकास कार्यों का जायजा: मुख्य सचिव ने दिए बेहतर पार्किंग, रास्ते और गाइड ट्रेनिंग के निर्देश 

जयपुर, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन द्वारा विश्व प्रसिद्ध आमेर महल का विस्तृत भ्रमण किया गया। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उनके साथ पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा पुरातत्व विभाग की शासन सचिव शुचि त्यागी मौजूद रहीं। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक डॉ. पंकज धरेंद्र, आमेर महल के अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक, तथा आमेर विकास एवं प्रबन्धन प्राधिकरण (ADMA) के कार्यकारी निदेशक (कार्य) जय किशोर दुबे सहित गाइड महेश शर्मा उपस्थित रहे।

शिला माता के दर्शन और महल का अवलोकन

मुख्य सचिव ने अपने आमेर दौरे की शुरुआत सर्वप्रथम आमेर की आराध्य देवी शिला माता के दर्शन कर उन्होंने आमेर महल के विभिन्न हिस्सों का सघन अवलोकन किया। महल के भ्रमण के दौरान गाइड महेश शर्मा ने मुख्य सचिव को आमेर के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और इसकी बेजोड़ स्थापत्य कला की विस्तृत जानकारी दी।

पर्यटक आंकड़ों की समीक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण

अवलोकन के दौरान मुख्य सचिव ने गत वर्ष में आमेर भ्रमण करने वाले पर्यटकों की संख्या की समीक्षा की। उन्हें अवगत कराया गया कि पिछले वर्ष आमेर आने वाले पर्यटकों की कुल संख्या लगभग 22 लाख 82 हजार रही, जिसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग 2 लाख 70 हजार थी। यहाँ प्रतिदिन का औसत पर्यटक फुटफॉल 6,270 दर्ज किया गया है।

पर्यटकों की इस भारी संख्या को देखते हुए मुख्य सचिव ने पर्यटकों को आने वाली समस्याओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने पर्यटकों की संख्या को और अधिक बढ़ाने के लिए सकारात्मक प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देश प्रदान दिए:

  • आमेर महल की पार्किंग को पूर्णतः विकसित एवं व्यवस्थित किया जाए।
  • आमेर महल तक आने वाले रास्तों को दुरुस्त और सुगम बनाया जाए।
  • शौचालय आदि मूलभूत सुविधाओं को और अधिक विकसित व स्वच्छ किया जाए।

₹29.52 करोड़ के विकास कार्यों का निरीक्षण

मुख्य सचिव ने आमेर में चल रहे विभिन्न विकास और संरक्षण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रगति पर संतोष व्यक्त किया । इन कार्यों में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  1. SASCI केन्द्रीय परिवर्तित योजना (₹25.5 करोड़): इस योजना के तहत परियों के पास स्थित खाली जमीन पर पार्किंग का विकास, प्राचीन आमेर महल का जीर्णोद्धार, खेड़ी गेट से पितलिया भवन वाली रोड का निर्माण, भारमल की छतरियाँ एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं।
  2. बजट घोषणाएं (₹4.02 करोड़): बजट घोषणा के तहत मानसिंह महल में चल रहे संरक्षण कार्यों का मुख्य सचिव ने बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संरक्षण कार्य के दौरान बाहर निकाले गए प्राचीन कंगूरों की सराहना की।

भित्ति चित्रों का संरक्षण और डिजिटल संग्रहालय

मुख्य सचिव ने मानसिंह महल स्थित छज्जे की टोड़ियों पर बने भित्ति चित्रों के संरक्षण हेतु विस्तृत जानकारी प्राप्त की और इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । उन्होंने आमेर महल के सिंहपोल, गणेशपोल और भोजनशाला आदि में स्थित ऐतिहासिक भित्ति चित्रों के संरक्षण के लिए IGNCA (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र) एवं ADMA (आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण) के मध्य हुए अनुबन्ध की सराहना की । इसके अलावा, बजट घोषणाओं के तहत बनाए जाने वाले आगामी ‘डिजिटल संग्रहालय’ के लिए स्थान चयन की जानकारी प्राप्त करते हुए उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए।

गाइडों को विशेष प्रशिक्षण और शीशमहल की सुरक्षा

पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को गाईड़ों के संबंध में और अधिक उन्नत प्रशिक्षण देने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सही प्रशिक्षण से गाइड जयपुर आने वाले पर्यटकों को सटीक, प्रामाणिक एवं तथ्यपूर्ण जानकारी प्रदान कर सकेंगे।

महल में स्थित भव्य शीशमहल के स्थापत्य को देखकर मुख्य सचिव अत्यंत अभिभूत हुए । उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शीशमहल के संरक्षण के बारे में अत्यधिक सावधानी बरती जाए और इसके मूल स्वरूप को हर हाल में बरकरार रखा जाए ।

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