जयपुर। राजस्थान शिक्षा विभाग में संविदा पर कार्यरत हजारों सहायक अध्यापकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब ये संविदा शिक्षक अपनी नौकरी के साथ-साथ पत्राचार (Distance Education) के माध्यम से अपनी उच्च शिक्षा भी जारी रख सकेंगे। वहीं, शिक्षा निदेशालय ने वरिष्ठ अध्यापक (Senior Teacher) पद पर पदोन्नति (DPC) प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए भी प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
संविदा शिक्षक नियम-2022 में दी गई शिथिलता
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने ‘राजस्थान संविदा शिक्षक नियम-2022’ के प्रावधानों में शिथिलता देते हुए लेवल प्रथम (Level-1) तथा लेवल द्वितीय (Level-2) के अंग्रेजी, विज्ञान और गणित विषय के संविदा शिक्षकों को पत्राचार (कोरेसपोंडेंस) के माध्यम से उच्च अध्ययन की अनुमति दे दी है। वित्त एवं कार्मिक विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद ये आदेश जारी किए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को मिला NOC का अधिकार
निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक मुख्यालय) को निर्देश दिए हैं कि यदि उनके अधीन कार्यरत कोई संविदा शिक्षक उच्च अध्ययन के लिए आवेदन करता है, तो उसे निर्धारित शर्तों के अधीन रहते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया जा सकता है। चूंकि सहायक अध्यापक लेवल प्रथम और द्वितीय के नियुक्ति अधिकारी (Appointing Authority) जिला शिक्षा अधिकारी ही होते हैं, इसलिए एनओसी जारी करने का अधिकार भी उन्हें ही सौंपा गया है।
शर्त: अध्यापन कार्य नहीं होना चाहिए प्रभावित
पहले नियमों में यह सख्त प्रावधान था कि कोई भी संविदा शिक्षक सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी अन्य पूर्णकालिक या अंशकालिक कार्य, व्यवसाय या पाठ्यक्रम का अनुसरण नहीं कर सकता। इस रोक के चलते शिक्षकों को उच्च अध्ययन की अनुमति नहीं मिल पा रही थी।
अब शिथिलता तो दे दी गई है, लेकिन निदेशालय ने यह स्पष्ट शर्त रखी है कि पत्राचार माध्यम से किया जाने वाला यह उच्च अध्ययन शिक्षकों के नियमित विद्यालयी कार्य और बच्चों की अध्यापन व्यवस्था में किसी भी प्रकार से बाधा नहीं बनना चाहिए। इस फैसले से संविदा शिक्षकों को शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने और भविष्य में करियर उन्नयन (Career Progression) के नए अवसर मिल सकेंगे।
भाग 2: वरिष्ठ अध्यापक पदोन्नति (DPC) में प्रयोगशाला सहायकों को भी मिलेगा मौका
एक अन्य महत्वपूर्ण आदेश में, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने वरिष्ठ अध्यापक (2nd Grade Teacher) पद पर पदोन्नति (DPC) की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नियमित डीपीसी के निर्देश
निदेशक सीताराम जाट की ओर से प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों को जारी आदेश में कहा गया है कि 1 अप्रैल 2022 की स्थिति के अनुसार तैयार की गई वरिष्ठता सूचियों के आधार पर नियमित डीपीसी आयोजित की जाएगी। आदेश में कार्मिक विभाग के 19 अगस्त 2025 के निर्देशों तथा 11 मई 2026 को जारी पत्र का हवाला देते हुए विभिन्न पदों पर नियमित पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
प्रयोगशाला सहायक भी माने जाएंगे फीडर पद
इस आदेश में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए अध्यापक के साथ-साथ ‘प्रयोगशाला सहायक’ (Lab Assistant) को भी ‘फीडर पद’ माना गया है।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला सहायक से वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक पद पर पदोन्नति की कार्रवाई संभागीय स्तर पर पहले से की जाती रही है, इसलिए संबंधित कार्मिकों की सत्रवार वरिष्ठता सूची संयुक्त निदेशक कार्यालयों में उपलब्ध है। ऐसे में 10 जून 2026 तक जारी की जाने वाली मिश्रित अस्थायी वरिष्ठता सूची (Mixed Seniority List) में पात्र प्रयोगशाला सहायकों के नाम भी अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएं। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों के अनुरूप पात्र कर्मचारियों को सूची में शामिल कर आगामी डीपीसी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समय पर पूरा करें।