Expose Now Exclusive: राजस्थान बनेगा भारत की नई ‘इकोनॉमिक महाशक्ति’! मरुधरा में मिला कुबेर का खजाना, 226 टन सोना और दुर्लभ खनिजों का महाभंडार

-सोना, तांबा और ‘रेयर अर्थ एलिमेंट्स’ से चमकेगी किस्मत, देश का सबसे बड़ा माइनिंग हब बनने की ओर बढ़ा राजस्थान

-अरावली से ट्रांस-अरावली तक परमाणु खनिजों का जाल, 175 से अधिक हाई-टेक सर्वेक्षण अभियानों में मिली बड़ी सफलता

-ड्रोन, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और 3D मैपिंग से बदलेगी खनन क्रांति की तस्वीर, ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ में आत्मनिर्भर बनेगा भारत

‘Expose Now’ की इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

जयपुर। राजस्थान की मरुधरा अब सिर्फ वीर-गाथाओं और पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक ‘महाशक्ति’ बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है। ‘Expose Now’ की इन्वेस्टिगेटिव टीम के हाथ लगे दस्तावेजों से यह ऐतिहासिक खुलासा हुआ है कि राज्य के भूगर्भ में सोने, तांबे, लिथियम की भांति दुर्लभ परमाणु खनिजों और स्ट्रैटेजिक मिनरल्स का ऐसा अथाह खजाना छुपा है, जो आने वाले दशकों में राजस्थान की पूरी अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल कर रख देगा। दस्तावेजों के अनुसार, बीते पांच वर्षों के दौरान राजस्थान खान एवं भूविज्ञान विभाग, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और भारत सरकार के परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (AMD) की संयुक्त टीमों ने राज्य में अभूतपूर्व अन्वेषण अभियान चलाए हैं। राज्य में चिन्हित 191 परियोजना क्षेत्रों में से 175 से अधिक में अन्वेषण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

सर्वे के दौरान मिला बेसकीमती एवं दुर्लभ खनिजों का भंडार:-

-226.36 टन सोना (Gold): राज्य में सोने के विशाल भंडार की पुष्टि हुई है।

-1.65 लाख टन कॉपर व कोबाल्ट: तांबा, निकल (11,146 टन) और कोबाल्ट (13,739 टन) जैसी बहुमूल्य धातुओं का बड़ा भंडार मिला है।

-6,828 मिलियन टन लाइमस्टोन: सीमेंट ग्रेड और SMS ग्रेड लाइमस्टोन का अकूत भंडार मिला है, जिससे औद्योगिक क्रांति तय है।

-रेयर अर्थ एलिमेंट्स (TREO): 94,288 टन अति-दुर्लभ रेयर अर्थ एलिमेंट्स तथा 1.93 लाख टन जिरकोनियम के भंडार चिन्हित किए गए हैं।

परमाणु और सामरिक खनिजों की बेल्ट चिह्नित:-

दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि परमाणु खनिज अन्वेषण निदेशालय (AMD) ने उत्तर दिल्ली फोल्ड बेल्ट (सीकर, झुंझुनूं, अजमेर, अलवर, दौसा, नागौर), अरावली द्रोणी (उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, बूंदी), ट्रांस अरावली (जैसलमेर, नागौर), सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स (बालोतरा, जालौर) तथा राजस्थान माइका बेल्ट में गहन सर्वेक्षण कर रणनीतिक खनिजों की खोज की है।

AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मशीन लर्निंग से खनन क्रांति:-

‘Expose Now’ के अनुसार, राजस्थान का खनन विभाग अब पारंपरिक तरीकों के स्थान पर Artificial Intelligence (AI), Machine Learning (ML), GIS मैपिंग और Handheld XRF जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग कर रहा है। इससे भूगर्भ में छिपे क्रिटिकल मिनरल्स को खोजना बेहद सटीक और आसान हो गया है। इस खोज से राजस्थान में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य भारत का सबसे समृद्ध मिनरल हब बनकर उभरेगा।

भारत की खनिज सुरक्षा की ‘रीढ़’ बन रहा है राजस्थान:-

वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में चीन और पश्चिमी देशों के बीच ‘क्रिटिकल व रणनीतिक खनिजों’ (Critical & Strategic Minerals) की जो होड़ मची है, उसमें राजस्थान भारत का सबसे मजबूत ढाल बनकर उभर रहा है। दस्तावेजों के अनुसार 226 टन से अधिक सोना, 1.65 लाख टन कॉपर, कोबाल्ट, निकल और 94 हजार टन से अधिक Rare Earth Elements (TREO) की मौजूदगी भारत की विदेशी निर्भरता को खत्म कर देगी। सेमीकंडक्टर, ईवी बैटरियों, ग्रीन एनर्जी और रक्षा उपकरणों के निर्माण में मरुधरा के खनिजों की भूमिका निर्णायक साबित होगी

“अरावली की पहाड़ियों से लेकर थार के रेगिस्तान तक फैला यह भूगर्भ खजाना गवाही दे रहा है कि राजस्थान सिर्फ अपनी गौरवशाली वीर-गाथाओं और अतीत का गौरव ही नहीं संभालता, बल्कि वह भारत के सुनहरे और आत्मनिर्भर भविष्य की नींव भी रख रहा है। ‘Expose Now’ की यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट राजस्थान के हर नागरिक के लिए गर्व करने का अवसर है—मरुधरा अब देश का नया ‘ग्रोथ इंजन’ बनने के लिए पूरी तरह तैयार है!”

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now


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