डिस्कॉम्स की आर्थिक मजबूती: राजस्थान में पहली बार 101% राजस्व वसूली, कर्ज में 1352 करोड़ की बड़ी कटौती

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के नेतृत्व में राजस्थान के विद्युत वितरण निगमों (डिस्कॉम्स) ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। कुशल वित्तीय प्रबंधन और कड़े फैसलों के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के डिस्कॉम्स ने अपने कुल ऋण भार में करीब 1352 करोड़ रुपये की कमी की है।

कर्ज के बोझ में गिरावट

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में वितरण निगमों पर कुल ऋण भार 97,970 करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 96,618 करोड़ रुपये रह गया है।

  • अजमेर डिस्कॉम: ऋण में 935 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की। इसका बकाया ऋण 26,059 करोड़ से घटकर 25,124 करोड़ रुपये रह गया है।
  • जयपुर डिस्कॉम: ऋण भार में 644 करोड़ रुपये की कटौती की। इसका बकाया कर्ज 35,118 करोड़ से कम होकर 34,474 करोड़ रुपये पर आ गया है।
  • जोधपुर डिस्कॉम: यहाँ ऋण भार में मामूली वृद्धि देखी गई, जो 36,792 करोड़ से बढ़कर 37,019 करोड़ रुपये हो गया है।

ब्याज दरों में विशेष राहत

मुख्यमंत्री के प्रयासों से पावर फाइनेंस कार्पोरेशन (PFC) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (REC) से डिस्कॉम्स को अब 8.75 प्रतिशत की न्यूनतम विशेष ब्याज दर पर ऋण मिल रहा है। ब्याज दरों में 0.90% से 1.40% तक की कमी आने से निगमों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है।

राजस्व वसूली में बनाया इतिहास

इतिहास में पहली बार तीनों डिस्कॉम्स ने एक साथ शत-प्रतिशत (101%) राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल किया है।

  • जयपुर डिस्कॉम: 26 साल के इतिहास में सर्वाधिक 102% राजस्व अर्जित किया।
  • अजमेर और जोधपुर: क्रमशः 100.23% और 100.96% राजस्व रिकवरी की। कुल वसूली 77,492 करोड़ रुपये से अधिक रही, जिसमें 740 करोड़ रुपये पुराने बकाया की रिकवरी शामिल है।

अन्य प्रमुख उपलब्धियां

  • जीरो डिफेक्टिव मीटर: जयपुर डिस्कॉम ने सभी सर्किलों में डिफेक्टिव मीटर बदलकर शत-प्रतिशत बिलिंग सुनिश्चित की, जिससे निगम को 1.90 करोड़ रुपये की बचत हुई।
  • कबाड़ से रिकॉर्ड आय: अनुपयोगी सामग्री (स्क्रैप) की नीलामी से जयपुर डिस्कॉम ने 118.45 करोड़ रुपये जुटाए, जो पिछले दो वर्षों की तुलना में लगभग दोगुनी आय है।
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