जयपुर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी (JECC) में आयोजित ‘राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन 2026’ के अंतर्गत प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ‘एआई, युवा और जिम्मेदार नागरिक’ थीम पर आधारित इस शिखर सम्मेलन में श्री देवनानी ने तकनीक और मानवीय मूल्यों के संतुलन पर जोर दिया।
वर्चुअल तकनीक से निखरा राजस्थान का वैभव
समिट के दौरान देवनानी ने एआई आधारित त्रि-आयामी (3D) वर्चुअल यात्रा के माध्यम से राजस्थान के ऐतिहासिक स्मारकों का अनुभव किया। उन्होंने आमेर किला, हवा महल, कुम्भलगढ़ दुर्ग, जंतर-मंतर और श्रीनाथ जी के जीवंत वर्चुअल दर्शन किए। आधुनिक तकनीक के इस प्रयोग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।
शासन व्यवस्था (Governance) में एआई की भूमिका
देवनानी ने कहा कि राजस्थान जैसे विशाल राज्य में प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए एआई (Artificial Intelligence) एक अनिवार्य उपकरण बन गया है।
“एआई की सटीकता इस बात पर निर्भर करती है कि हम उसे कितनी प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराते हैं। विश्वसनीय परिणाम पाने के लिए प्रामाणिक डेटा उपलब्ध कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
डेटा सुरक्षा और वॉयस क्लोनिंग पर चिंता
तकनीक के साथ आने वाली चुनौतियों पर सचेत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
- वॉयस डेटा सुरक्षा: उन्होंने कहा कि अब केवल चित्रों का ही नहीं, बल्कि आवाज (Voice Recognition) का भी दुरुपयोग हो रहा है, जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे।
- पारदर्शिता: एआई का उपयोग राष्ट्रीय हितों के अनुरूप होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना होगा कि डेटा लीक की कोई संभावना न रहे।
अजमेर आईटी पार्क से जुड़ें युवा
युवाओं और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करते हुए देवनानी ने अजमेर आईटी पार्क का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने नवाचारकर्ताओं और उद्यमियों से आह्वान किया कि वे अजमेर के इस आधुनिक आईटी पार्क से जुड़ें और अपने स्टार्टअप्स व तकनीकी गतिविधियों की शुरुआत करें।
समिट की मुख्य बातें:
- आयोजन: राजस्थान सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग और ‘टाई राजस्थान’ के सहयोग से।
- विजन: राजस्थान को एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना।
- सामाजिक मूल्य: तकनीक के उपयोग में भारत की सामाजिक संरचना और मानवीय मूल्यों का ध्यान रखना आवश्यक।
