जयपुर: राजस्थान सरकार राज्य में भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार अब 10वीं पास योग्यता वाली सरकारी भर्तियों के लिए भी कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) लागू करने की तैयारी कर रही है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद वनरक्षक, लैब असिस्टेंट, आबकारी सिपाही और चपरासी जैसे पदों के लिए उम्मीदवारों को अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षाएं देने की आवश्यकता नहीं होगी।
भर्ती प्रक्रिया में आएगा बड़ा बदलाव
अब तक 10वीं स्तर की विभिन्न भर्तियों के लिए उम्मीदवारों को अलग-अलग लिखित परीक्षाओं से गुजरना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अधिक खपत होती थी। सरकार की नई योजना के तहत, उम्मीदवारों को केवल एक बार CET पास करना होगा। इसी CET स्कोर के आधार पर वे संबंधित विभागों की 10वीं स्तर की भर्तियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे भर्ती प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और प्रक्रिया में तेजी आएगी।
CET के प्रमुख लाभ
सरकार का मानना है कि CET लागू होने से उम्मीदवारों को बार-बार प्रारंभिक परीक्षाओं का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- आवेदन में सरलता: एक ही CET स्कोर के माध्यम से विभिन्न विभागों की भर्तियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
- समय और धन की बचत: बार-बार अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देने से उम्मीदवारों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बचेंगे।
- परीक्षाओं की संख्या में कमी: अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षाओं के आयोजन से होने वाली भागदौड़ और तनाव कम होगा।
परीक्षा का पाठ्यक्रम और आगामी दिशा-निर्देश
जानकारी के अनुसार, 10वीं स्तर के इस CET में सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, गणित, भाषा (हिंदी/अंग्रेजी) और कंप्यूटर से जुड़े विषयों को शामिल किया जाएगा। ऐसी उम्मीद है कि सरकार इस परीक्षा का आयोजन हर साल करेगी। जल्द ही राज्य सरकार की ओर से 10वीं स्तर के CET और इससे जुड़ी भर्तियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश व नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। यह कदम राज्य के युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने वाला साबित होगा।
