खेजड़ी कटाई प्रकरण में PHQ का बड़ा एक्शन! पूगल के तत्कालीन SHO पवन सिंह सस्पेंड

खेजड़ी कटाई प्रकरण में पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीकानेर के पुलिस निरीक्षक पवन सिंह को निलंबित कर दिया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से निलंबन के आदेश जारी होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पवन सिंह पर यह कार्रवाई उस अवधि से जुड़े मामले में हुई है, जब वे पूगल थाने के SHO के रूप में तैनात थे और क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया था।

पूगल में सैकड़ों खेजड़ियां काटने का मामला

पूरा मामला बीकानेर के पूगल थाना क्षेत्र का है। यहां एक सोलर प्रोजेक्ट से जुड़े क्षेत्र में बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ काटे जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने पेड़ों की कटाई का विरोध किया था। मामले ने उस समय खासा तूल पकड़ा, क्योंकि खेजड़ी राजस्थान का राज्य वृक्ष होने के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान के पर्यावरण और स्थानीय जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

रिपोर्टों के अनुसार पूगल इलाके में 600 से अधिक खेजड़ी के पेड़ों की कटाई की बात सामने आई थी। पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था और स्थानीय स्तर पर विरोध भी हुआ। मामला बढ़ने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए।

SHO रहते पवन सिंह की भूमिका पर उठे सवाल

जिस समय पेड़ों की कटाई का घटनाक्रम सामने आया, उस दौरान पवन सिंह पूगल थाने के प्रभारी थे। आरोप था कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर तत्कालीन थाना प्रभारी की भूमिका जांच के दायरे में आई।

मामले को लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचीं। शिकायतों में खेजड़ी कटाई के साथ पुलिस अधिकारियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए गए। इसके बाद प्रकरण की जांच कराई गई और अब पुलिस मुख्यालय ने पवन सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।

सोलर प्रोजेक्ट की जमीन पर कटाई का आरोप

खेजड़ी कटाई का पूरा विवाद एक सोलर प्रोजेक्ट के लिए लीज पर दी गई जमीन से जुड़ा बताया गया है। आरोप है कि प्रोजेक्ट क्षेत्र में बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ काटे गए। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए पेड़ों को बचाने की मांग की थी।

विरोध के दौरान तनाव की स्थिति भी बनी और फायरिंग के आरोप सामने आए थे। उस समय पुलिस की ओर से फायरिंग की घटना को लेकर अलग रुख सामने आया था और मामले की जांच की बात कही गई थी। इसके बाद खेजड़ी कटाई का मामला लगातार चर्चा में रहा।

नवंबर 2024 में बने थे पूगल SHO

पवन सिंह को नवंबर 2024 में पूगल थाने का प्रभारी बनाया गया था। बाद में विभागीय पदोन्नति के बाद वे पुलिस निरीक्षक से सीआई बने। पूगल थाना क्षेत्र में तैनाती के दौरान सामने आए खेजड़ी कटाई प्रकरण में उनकी भूमिका को लेकर शिकायत और जांच के बाद अब PHQ ने निलंबन की कार्रवाई की है।

निलंबन के बाद जांच पर नजर

पुलिस मुख्यालय की कार्रवाई के बाद अब इस मामले की जांच और उससे जुड़े तथ्यों पर नजर रहेगी। निलंबन विभागीय कार्रवाई है और इसे किसी आरोप की अंतिम न्यायिक पुष्टि नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खेजड़ी कटाई प्रकरण में पवन सिंह की भूमिका किस स्तर तक थी और उनके खिलाफ आगे क्या विभागीय कार्रवाई होगी।

खेजड़ी कटाई का यह मामला केवल पर्यावरण से जुड़ा विवाद नहीं रह गया है। इसमें पुलिस की जवाबदेही, प्रशासनिक निगरानी, सोलर प्रोजेक्ट के लिए जमीन के इस्तेमाल और पर्यावरणीय नियमों के पालन जैसे कई गंभीर सवाल भी जुड़े हैं। PHQ की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे प्रकरण में आगे होने वाली जांच और कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


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