करौली निकाय चुनाव परिणाम: 6 निकायों में से 3 पर भाजपा, 2 पर कांग्रेस और 1 पर निर्दलीय का कब्जा; देखें पूरी रिपोर्ट

करौली। करौली जिले के नगर निकाय चुनाव 2026 में सभी 6 निकायों के सभापति और चेयरमैन पद के चुनावी नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच रहा, जबकि एक निकाय में निर्दलीय प्रत्याशी ने दोनों प्रमुख दलों को चौंकाते हुए जीत दर्ज की।

जिले के कुल 6 नगर निकायों में से 3 पर भारतीय जनता पार्टी (सपोटरा, सुरौठ और हिण्डौन), 2 पर कांग्रेस (करौली और मंडरायल) तथा 1 पर निर्दलीय (टोडाभीम) का बोर्ड गठित हुआ है।

करौली नगर परिषद: कांटे की टक्कर में कांग्रेस के सुनील सैनी विजयी

जिला मुख्यालय स्थित करौली नगर परिषद में कांग्रेस प्रत्याशी सुनील सैनी ने भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र शर्मा को पराजित कर सभापति पद पर कब्जा जमाया।

  • मतदान की स्थिति: 55 वार्डों वाली नगर परिषद में सभी 55 पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
  • वोटों का गणित: कांग्रेस के सुनील सैनी को 30 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र शर्मा के पक्ष में 25 पार्षदों ने मतदान किया।
  • क्रॉस वोटिंग: परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा खेमे में तीन पार्षदों द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने की चर्चा रही।

जिले की सभी 6 नगर निकायों के परिणाम

निकाय का नामपदविजयी प्रत्याशीदलप्राप्त वोट (प्रतिद्वंद्वी वोट)
करौली नगर परिषदसभापतिसुनील सैनीकांग्रेस30 (भाजपा: 25)
हिण्डौन नगर परिषदसभापतिविजय कुमारीभाजपानिर्विरोध निर्वाचित
सपोटरा नगरपालिकाचेयरमैनसपना देवीभाजपा16 (कांग्रेस: 4)
सुरौठ नगरपालिकाचेयरमैनकमला देवीभाजपा11 (कांग्रेस: 9)
मंडरायल नगरपालिकाचेयरमैनतुलसा देवीकांग्रेस11 (भाजपा: 9)
टोडाभीम नगरपालिकाचेयरमैन/सभापतिललिता देवीनिर्दलीय26 (भाजपा: 9)

टोडाभीम में निर्दलीय की एकतरफा जीत, हिण्डौन में निर्विरोध बोर्ड

टोडाभीम नगरपालिका में निर्दलीय प्रत्याशी ललिता देवी ने एकतरफा मुकाबले में जीत हासिल की। उन्होंने 26 मत प्राप्त कर भाजपा प्रत्याशी ज्योति महावर (9 मत) को 17 वोटों के बड़े अंतर से मात दी।

वहीं, हिण्डौन नगर परिषद में भाजपा की विजय कुमारी पहले ही निर्विरोध सभापति चुनी जा चुकी हैं, जिससे वहां मतदान की नौबत नहीं आई।

दिग्गजों की साख दांव पर, रणनीतियों का दिखा असर

इस निकाय चुनाव में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पूर्व मंत्रियों की साख दांव पर लगी थी:

  • करौली: पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना की संगठनात्मक रणनीति के चलते कांग्रेस सभापति पद सुरक्षित करने में सफल रही।
  • मंडरायल: पूर्व मंत्री रमेशचंद्र मीणा के सघन प्रयासों ने मंडरायल में कांग्रेस का चेयरमैन बनवाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
  • सपोटरा: स्थानीय विधायक हंसराज बालौती की चुनावी रणनीति का असर देखने को मिला, जहां 20 में से 16 वार्डों का समर्थन जुटाकर भाजपा ने मजबूत बोर्ड बनाया।

शपथ ग्रहण और राजनीतिक माहौल

परिणामों की आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सभी विजयी सभापति और चेयरमैन प्रत्याशियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के बाद समर्थकों ने आतिशबाजी कर और मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया। इन नतीजों ने जिले की स्थानीय राजनीति में शक्ति संतुलन को नए सिरे से परिभाषित कर दिया है।


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