राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बिजली विभाग (JVVNL) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगंज सब स्टेशन पर तैनात कनिष्ठ अभियंता (JEN) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर द्वारा एक सोलर फर्म के ग्राहक के बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने की एवज में घूस मांगी गई थी।
कैसे दिया गया कार्रवाई को अंजाम?
एसीबी जयपुर रेंज के डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के निर्देश पर एसीबी चौकी जयपुर नगर चतुर्थ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में यह ट्रैप कार्रवाई की गई। पुलिस निरीक्षक रामजी लाल और उनकी टीम ने 24 अगस्त को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर आरोपी कनिष्ठ अभियंता मनोज कुमार को परिवादी से 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। एसीबी ने मौके से रिश्वत की राशि भी पूरी तरह बरामद कर ली है।
क्या था पूरा मामला?
शिकायतकर्ता कंपनी ‘सोलर रिधम एनर्जी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड’ के एक ग्राहक के घर पर 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाया जाना था। इसके लिए बिजली कनेक्शन की लोड क्षमता को बढ़ाना अनिवार्य था। इसी काम को सुगमता से करने की एवज में आरोपी जेईएन मनोज कुमार ने 14 अगस्त को 5 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
परिवादी द्वारा मोलभाव करने के बाद यह सौदा 3 से 4 हजार रुपए में तय हुआ। परेशान होकर परिवादी ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज कराई। एसीबी की टीम ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई।
अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी
एसीबी के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी जेईएन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि इस घूसकांड में विभाग के अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।