जयपुर। जयपुर उत्तर के जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने राहगीरों को सुनसान स्थानों पर रोककर लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए पहले सुनसान और कम आवाजाही वाले रास्तों की रेकी करते थे। इसके बाद मोटरसाइकिल सवार राहगीरों को थार गाड़ी से टक्कर मारकर सड़क पर गिराते और मौका मिलते ही उनका मोबाइल फोन व अन्य सामान छीनकर फरार हो जाते थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने जयपुर के कानोता, शिवदासपुरा और जयसिंहपुरा खोर थाना क्षेत्रों में कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और अन्य आपराधिक वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
श्मशान घाट के पास बाइक को मारी टक्कर
पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को जयसिंहपुरा खोर थाने में लूट की एक वारदात का मामला दर्ज हुआ था। परिवादी ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल पर मथुरादास की तरफ से आ रहा था।
रात करीब 12 बजे श्मशान घाट के पास अचानक एक थार कार उनके सामने आ गई। आरोप है कि थार चालक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार सड़क पर गिर गए। इसी दौरान थार से कुछ लोग नीचे उतरे और पीड़ितों के साथ मारपीट करते हुए उनका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की।
CCTV फुटेज और तकनीकी सहायता से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
लूट की वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम का गठन किया। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा वारदात के समय क्षेत्र से गुजरने वाले संदिग्ध वाहनों और मोटरसाइकिलों की भी जानकारी जुटाई गई।
पुलिस ने तकनीकी सहायता के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस टीम को संदिग्ध आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक शर्मा (25), निवासी राजपुरा पातलवास और राहुल बेहरा (20), निवासी आगरा रोड, माली की कोठी क्षेत्र को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कई वारदातों का खुलासा
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र के अलावा कानोता और शिवदासपुरा थाना क्षेत्रों में भी लूट की कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पहले ऐसे रास्तों और स्थानों की पहचान करते थे, जहां रात के समय लोगों की आवाजाही कम रहती थी। इसके बाद वहां से गुजरने वाले बाइक सवारों को निशाना बनाया जाता था।
वारदात के दौरान थार गाड़ी से मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर गिराया जाता था। बाइक सवार के सड़क पर गिरते ही आरोपी उसके पास पहुंचकर मारपीट करते और मोबाइल फोन तथा अन्य सामान छीन लेते थे। कुछ मामलों में पीड़ितों को सुनसान स्थान पर छोड़कर आरोपी मोबाइल लेकर फरार हो जाते थे।
फरार हिस्ट्रीशीटर की तलाश जारी
पुलिस जांच में गिरोह से जुड़े एक अन्य आरोपी अब्बल दर्जे के हिस्ट्रीशीटर के बारे में भी जानकारी सामने आई है। वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर क्षेत्र में हुई अन्य लूट और छीना-झपटी की वारदातों से जुड़े सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और आरोपियों ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया लूट का तरीका
इस मामले में पुलिस जांच के दौरान सामने आया पैटर्न यह है कि आरोपी पहले सुनसान स्थान तलाशते थे, फिर बाइक सवार को थार से टक्कर मारकर गिराते और इसके बाद मारपीट कर मोबाइल व अन्य सामान लूट लेते थे। कई वारदातों में पीड़ित को सुनसान स्थान पर छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कानोता, शिवदासपुरा और जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में दर्ज अन्य मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ पूरी होने के बाद गिरोह की अन्य वारदातों और फरार आरोपियों के संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है।