जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 24 घंटे के भीतर 3 लाख का माल लेकर 500 KM दूर भागा चोर हरियाणा में गिरफ्तार

जयपुर: जयपुर के रामनगरिया थाना इलाके में स्थित SKIT कॉलेज के पास एक पीजी हॉस्टल को निशाना बनाकर लाखों रुपये का इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी करने वाले शातिर चोर को जयपुर पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर धर दबोचा है। चोरी की इस बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी करीब 500 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के बिजनौर भाग गया था, लेकिन पुलिस की तकनीकी टीम और मुस्तैदी ने उसे हरियाणा में दबोच लिया।

एक ही रात में पार किए 2 लैपटॉप और 8 मोबाइल

घटना 6 सितंबर की है। पीड़ित ने रामनगरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पीजी हॉस्टल के कमरों से कीमती सामान चोरी हो गया है। जब हॉस्टल में सामान का मिलान किया गया, तो पता चला कि चोर करीब 3 लाख रुपये कीमत का सामान समेट कर ले गया है। इसमें 2 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, एक स्मार्ट वॉच और एक ईयरफोन शामिल थे।

बिना नंबर प्लेट की बाइक से खुला राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) रंजीता शर्मा के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल संदिग्ध पाई गई, जिस पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की।

500 किलोमीटर दूर हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर दबोचा

जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार होकर जयपुर से सीधा उत्तर प्रदेश के बिजनौर की ओर निकल गया था। पुलिस ने लगातार उसका पीछा किया और तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन हरियाणा में ट्रेस कर ली। जयपुर पुलिस की टीम ने तुरंत दबिश देकर आरोपी को धर दबोच लिया।

पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहम्मद आदिल उर्फ आदिल खान (उम्र 22 वर्ष), निवासी झुंझुनूं (हाल निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इस तरह की वारदातों को अंजाम देता था।

बरामदगी और पुलिस टीम की भूमिका

  • बरामद सामान: 2 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, 1 स्मार्ट वॉच, 1 ईयरफोन और वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल।
  • धारा: रामनगरिया थाने में धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज।
  • विशेष भूमिका: इस सफल कार्रवाई में एएसआई विभ्रम मीणा और कांस्टेबल मुनेश (4896) की अहम भूमिका रही। पुलिस अब उसके अन्य साथियों और आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल कर रही है।

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