जयपुर, राजस्थान के स्टोन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय फलक पर नई ऊंचाई देने वाला ‘इंडिया स्टोनमार्ट 2026’ आगामी 5 से 8 फरवरी तक जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में आयोजित किया जाएगा। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) शिखर अग्रवाल ने सोमवार को उद्योग भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक लेकर इस मेगा इवेंट की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
तैयारियां अंतिम चरण में: समय सीमा पर जोर
बैठक के दौरान ACS शिखर अग्रवाल ने निर्देश दिए कि आयोजन से जुड़ी सभी एजेंसियां और विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान की औद्योगिक क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का बड़ा मौका है, इसलिए शेष बची तैयारियों को निर्धारित समयसीमा में और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।
क्या होगा इंडिया स्टोनमार्ट 2026 में खास?
बैठक में दी गई प्रस्तुति के अनुसार, इस प्रदर्शनी का खाका बेहद भव्य तैयार किया गया है:
- लेआउट और स्पेस: प्रदर्शनी के लिए हॉल और ओपन एरिया का बेहतरीन प्रबंधन किया गया है।
- अंतरराष्ट्रीय सहभागिता: इस बार कई देशों के खरीदार, वास्तुविद् (Architects) और डिजाइनर्स के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है।
- स्टॉल बुकिंग: अधिकांश स्टॉल बुक हो चुके हैं, जो इस इवेंट के प्रति वैश्विक स्टोन उद्योग के उत्साह को दर्शाता है।
- आधुनिक सुविधाएं: आगंतुकों के लिए पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
राजस्थान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है स्टोनमार्ट?
इंडिया स्टोनमार्ट केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि राजस्थान के प्राकृतिक पत्थरों (संगमरमर, ग्रेनाइट, सैंडस्टोन आदि) के लिए एक ग्लोबल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म है। यह आयोजन:
- राज्य में निवेश के नए अवसर पैदा करता है।
- निर्यात की संभावनाओं को बढ़ाकर विदेशी मुद्रा अर्जित करने में सहायक है।
- हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन का माध्यम बनता है।
बैठक में ये दिग्गज रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में रीको (RIICO) की प्रबंध निदेशक शिवांगी स्वर्णकार, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव नरेश पारीक, इंडिया स्टोनमार्ट के संयोजक नटवरलाल अजमेरा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अंजू सिंह और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ स्टोन्स (CDOS) के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
