सीएम भजनलाल शर्मा का मास्टर प्लान: मानसून सीजन में 10 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य, रेलवे की जमीन पर भी दिखेगी हरियाली

Expose Now Desk
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान का रोडमैप तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आगामी मानसून सीजन के दौरान प्रदेश भर में 10 करोड़ पौधरोपण किया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सीएम ने वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को इस लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

जून से शुरू होगा महाअभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान की औपचारिक शुरुआत 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) से होगी। जून में तैयारियों के बाद जुलाई, अगस्त और सितंबर के मानसून महीनों में पौधरोपण के कार्य को युद्ध स्तर पर गति दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बारिश शुरू होने से पहले ही स्थानों का चयन, गड्ढे खोदने और फेंसिंग (तारबंदी) का काम पूरा कर लिया जाए।

किसानों को तोहफा और ‘नमो नर्सरी’ की स्थापना

इस अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है:

  • निशुल्क फलदार पौधे: ‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान’ के तहत किसानों को फलदार पौधे पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • नमो नर्सरी और नमो वन: प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक ‘नमो नर्सरी’ स्थापित की जाएगी। साथ ही नमो वन विकसित करने की कार्ययोजना पर भी काम शुरू होगा।
  • चंदन वन: उदयपुर, सिरोही और बांसवाड़ा जिलों में चंदन वन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए चिन्हित स्थानों पर ड्रिप सिंचाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।

रेलवे और राजस्व विभाग का सहयोग

सीएम ने निर्देश दिए कि पौधरोपण के लिए केवल वन भूमि तक सीमित न रहें। राजस्व विभाग के सहयोग से उपयुक्त भूमि का चयन किया जाए। साथ ही रेलवे के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी खाली जमीनों और परिसंपत्तियों पर भी बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएं। मिट्टी की गुणवत्ता और उत्पादकता को ध्यान में रखकर ही पौधों की प्रजातियों का चयन करने का सुझाव दिया गया है।

मुख्य सचिव करेंगे मॉनिटरिंग

बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वे स्वयं इस पूरे अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग करें ताकि 10 करोड़ पौधों का लक्ष्य कागजों तक सीमित न रहे और धरातल पर राजस्थान की तस्वीर बदल सके।

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