जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार शाम को पारंपरिक हर्षोल्लास और सांस्कृतिक वैभव के साथ तीज माता की शाही सवारी निकाली गई। त्रिपोलिया गेट पर देशी-विदेशी मेहमानों और आमजन का भारी हुजूम उमड़ पड़ा, जो त्रिपोलिया गेट से छोटी चौपड़ तक देखते ही बनता था। पूर्व राजघराने के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने अपने पूरे लाव-लश्कर के साथ पारंपरिक रूप से माता की आरती की।
Expose Now से खास बातचीत में डिप्टी सीएम दीया कुमारी का संदेश
इस अवसर पर उपमुख्यमन्त्री दीया कुमारी ने तीज माता की पूजा-अर्चना की। Expose Now से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने प्रदेशवासियों को 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के साथ-साथ तीज के पावन त्योहार की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां और शाही आकर्षण

शाही सवारी से पहले विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर समां बांध दिया।
- इस बार सवारी में घोड़ों और ऊंटों की संख्या बढ़ाई गई थी, वहीं कुल 175 लोक कलाकार इसमें शामिल हुए।
- बाड़मेर से आए एक कलाकार ने 25 किलो वजनी भारी-भरकम पगड़ी पहनकर सबको हैरान कर दिया।

- शौर्य सेवा संगठन की बालिकाओं ने बेहतरीन तलवारबाजी का प्रदर्शन किया।
- कलाकारों ने कच्छी घोड़ी, गैर, कालबेलिया, चरी-घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली और बहुरूपिया जैसी पारंपरिक लोक विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

- जनता की सुविधा के लिए शाही सवारी के लाइव टेलीकास्ट हेतु 13 प्रमुख जगहों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं, जबकि आसमान से ड्रोन के जरिए पुष्पवर्षा की गई।
पद्मनाभ सिंह बोले— जयपुर में इतिहास और भविष्य साथ चलते हैं
पूर्व राजघराने के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने कहा कि जयपुर की तीज पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि आज त्रिपोलिया गेट को पुराने डिजाइन में तैयार किया गया है। जयपुर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इतिहास और भविष्य दोनों साथ चलते हैं। यहाँ का छोटा-छोटा कल्चर, जैसे लहरिया की पोशाक और घेवर, इस शहर को खास बनाते हैं।

उन्होंने घोषणा की कि साल 2027 में जयपुर की स्थापना के 300 साल पूरे होने पर एक बहुत बड़ा सेलिब्रेशन किया जाएगा, जिसमें सभी त्योहारों को और भी धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे इन सांस्कृतिक परंपराओं में बढ़-चढ़कर भाग लें।