जयपुर: राजस्थान के विभिन्न जिलों से अपने गृह जिलों में तबादले की मांग को लेकर जयपुर पहुंचे ग्रेड-थर्ड शिक्षकों का आंदोलन अब और अधिक उग्र हो गया है। सोमवार को दिनभर चले घटनाक्रम और ‘Expose Now’ की लाइव रिपोर्टिंग के अनुसार, शिक्षकों का 3 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सरकार से वार्ता करने पहुंचा था, लेकिन बातचीत पूरी तरह विफल रही। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कथित रवैये और बयानों के बाद शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त हो गया है।
वार्ता क्यों और कैसे विफल हुई?
शिक्षकों ने बताया कि पहले चरण में उन्हें बाहर बैठाकर लंबा इंतजार करवाया गया, और जब वे अंदर मिले तो उनकी समस्याओं पर गौर करने की बजाय मंत्री द्वारा यह कहा गया कि “तुम थर्ड ग्रेड वालों के नंबर कम आते हैं, इसलिए इतनी दूर बैठे हो।” इस तरह के बयान और असहयोगपूर्ण रवैये के बाद शिक्षकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
प्रदेशभर से आए ये शिक्षक पिछले कई सालों से अपने गृह जिलों से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर नौकरी कर रहे हैं। किसी के परिजन गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं तो किसी के परिवार में कोई सहारा नहीं बचा है, लेकिन सरकार का रुख देखकर इन शिक्षकों की पीड़ा छलक पड़ी। वार्ता विफल होने के बाद शिक्षकों की उम्मीदों की पोटली खाली हाथ लौट आई और वे सिर पर आवेदनों के बंडल रखकर वापस धरना स्थल पर पहुंच गए।
अंधेरे और गर्मी में टॉर्च जलाकर डटे रहे शिक्षक
शाम ढलते ही प्रशासन द्वारा धरना स्थल पर पुलिस बल भेजा गया और जनरेटर बंद करवा दिया गया ताकि आंदोलनकारियों को परेशान किया जा सके। बावजूद इसके, उमस भरी गर्मी और अंधेरे में भी शिक्षक डिगे नहीं और मोबाइल की टॉर्च जलाकर रातभर धरने पर डटे रहे।
अब ट्रांसफर के साथ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
Expose Now की Day-1 की ग्राउंड कवरेज से यह साफ हो गया है कि ये शिक्षक अब रुकने और झुकने वाले नहीं हैं। शिक्षकों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि पहले मांग सिर्फ तबादले (Transfer) की थी, लेकिन अब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के अड़ियल रवैये को देखते हुए वे ट्रांसफर के साथ-साथ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए हैं और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे।
