राजस्थान बनेगा सौर ऊर्जा का सिरमौर: ‘पीएम सूर्य घर’ और ‘150 यूनिट फ्री बिजली योजना’ की प्रगति की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

जयपुर, राजस्थान सरकार ने प्रदेश को अक्षय ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को शासन सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ और राज्य सरकार की ‘150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना’ के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की।


सोलर रूफटॉप: राजस्थान देश में पांचवें स्थान पर

बैठक में उत्साहजनक आंकड़े प्रस्तुत किए गए, जो दर्शाते हैं कि राजस्थान सौर ऊर्जा अपनाने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है:

  • कुल संयंत्र: प्रदेश में अब तक 1,23,701 रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं।
  • राष्ट्रीय रैंकिंग: राजस्थान इस मामले में राष्ट्रीय स्तर पर 5वें स्थान पर पहुंच गया है।
  • लक्ष्य: मुख्य सचिव ने पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित करने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

सरकारी कार्यालयों में सोलर अनिवार्य

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बिजली की खपत कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों को भी सोलर मॉडल पर शिफ्ट किया जाए।

  • सभी विभाग सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
  • अक्षय ऊर्जा निगम को निर्देश दिए गए कि वे सरकारी भवनों के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार करें।

निःशुल्क बिजली और सब्सिडी का लाभ

राज्य सरकार की योजना का मुख्य आकर्षण इसका सब्सिडी ढांचा है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए सोलर पैनल लगवाना किफायती बनाता है:

योजना का घटकमिलने वाला लाभ
निःशुल्क बिजलीसोलर पैनल लगवाने पर 150 यूनिट तक बिजली मुफ्त।
केंद्रीय सब्सिडी1.1 kW के संयंत्र पर केंद्र द्वारा ₹33,000 की सहायता।
राज्य सब्सिडीराजस्थान सरकार द्वारा अतिरिक्त ₹17,000 की वित्तीय सहायता।
स्मार्ट मीटरराज्य सरकार द्वारा निःशुल्क स्मार्ट मीटर की सुविधा।

तकनीकी नवाचार और भविष्य की रणनीति

बैठक में अक्षय ऊर्जा निगम के CMD रोहित गुप्ता ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्वीकृत आवेदनों, ग्रिड कनेक्शन की स्थिति और सब्सिडी वितरण की जानकारी दी।

  • मिशन मोड: राजस्थान डिस्कॉम को निर्देश दिए गए कि वे आवेदनों के निपटारे में देरी न करें और ग्रिड कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल बनाएं।
  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता: इस पहल से न केवल उपभोक्ताओं का बिजली बिल ‘जीरो’ होगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर वे आय भी अर्जित कर सकेंगे।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) अजिताभ शर्मा, प्रमुख सचिव (वित्त) वैभव गालरिया और डिस्कॉम अध्यक्ष आरती डोगरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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