डूंगरपुर। आगामी पंचायत आम चुनाव के मद्देनजर अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डूंगरपुर पुलिस ने नकली नोटों (Fake Indian Currency Notes) के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। रामसागड़ा थाना पुलिस ने 4 लाख 95 हजार 500 रुपये के नकली नोटों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह डूंगरपुर पुलिस की फर्जी भारतीय मुद्रा के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
किराए के कमरे में चल रहा था नकली नोटों का ‘कारोबार’ पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के अनुसार, आरोपी पिछले 10-15 दिनों से किराए का कमरा लेकर नकली नोट छापने का काम कर रहे थे। मंगलवार, 29 सितंबर को रामसागड़ा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि माडा स्कूल ग्राउंड में कुछ युवक कार और स्कूटी के पास खड़े होकर नकली मुद्रा का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
सूचना पर वृत्ताधिकारी सीमलवाड़ा मदनलाल बिश्नोई के निर्देशन में थानाधिकारी कैलाश पंचारिया ने मय जाप्ता मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर कार में सवार युवक भागने लगे। अंधेरे का फायदा उठाकर एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि कार की पिछली सीट पर बैठे दो युवकों को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया।
अखबार में लिपटे मिले 500-500 के नोट तलाशी के दौरान पुलिस को कार की पिछली सीट पर रखे एक खुले गत्ते के बॉक्स में अखबार में लिपटे 500-500 रुपये के नोटों के बंडल मिले। गिनती करने पर चार बंडलों में कुल 991 नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 4,95,500 रुपये थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के कमरे पर छापा मारकर नोट छापने का पूरा सेटअप बरामद कर लिया।
बरामद सामग्री और आरोपियों की जानकारी पुलिस ने मौके और आरोपियों के ठिकाने से भारी मात्रा में उपकरण व सामग्री जब्त की है:
- गिरफ्तार आरोपी: भावेश (23) निवासी विजयगंज कॉलोनी और नयन (19) निवासी नालंदा बेंगलोज औद्योगिक क्षेत्र, डूंगरपुर।
- फरार आरोपी: राहुल लबाना निवासी माडा (जिसकी तलाश जारी है)।
- जब्त सामग्री: नकली नोट छापने वाला प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, नोट गिनने की मशीन, विशेष कागज, दो मोबाइल फोन और 500 रुपये के दो अतिरिक्त नकली नोट।
- जब्त वाहन: तस्करी और सप्लाई में इस्तेमाल की जा रही एक कार और एक स्कूटी।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बड़े शहरों में मौज-शौक करने और कम समय में पैसा कमाकर अमीर बनने की चाहत में उन्होंने यह रास्ता चुना था। आरोपी अपनी पहली ही खेप बाजार में खपाने की पूरी तैयारी में थे, लेकिन सप्लाई से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट छापने की इस प्रक्रिया में उनके साथ और कौन लोग शामिल हैं और तैयार की गई मुद्रा की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी।