जयपुर, नए साल का सूरज राजस्थान की एक और गौरवशाली उपलब्धि के साथ उदय हुआ है। प्रदेश की साहसी बेटी धोली मीणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाते हुए दक्षिण अमेरिका के इक्वाडोर में स्थित 15,413 फीट ऊँची ‘रुकु पिचिंचा’ (Ruku Pichincha) चोटी पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया है।
परंपरा और साहस का अनूठा संगम जयपुर जिले के जमवारामगढ़ (थोलाई गांव) की बेटी और दौसा की बहू धोली मीणा ने यह कठिन चढ़ाई अपने पारंपरिक राजस्थानी परिधान में पूरी की। 1 जनवरी 2026 को अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी के बावजूद उन्होंने इस दुर्गम ज्वालामुखी चोटी पर फतह हासिल की। उन्होंने इस सफलता का श्रेय भारतीय समुदाय और उत्तराखंड मूल के साथियों के सहयोग को दिया।
कायम्बे ज्वालामुखी भी किया फतह रुकु पिचिंचा के साथ-साथ धोली मीणा ने इक्वाडोर की तीसरी सबसे ऊँची चोटी कायम्बे ज्वालामुखी (Cayambe Volcano) को भी सफलतापूर्वक फतह किया है। 18,996 फीट ऊँची यह चोटी भूमध्य रेखा पर स्थित दुनिया की सबसे ऊँची बर्फीली चोटी मानी जाती है। ग्लेशियरों से युक्त इस पर्वत पर चढ़ाई करना तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण और खतरनाक माना जाता है।
बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं धोली धोली मीणा ने अपनी इस उपलब्धि को देश की उन सभी बेटियों को समर्पित किया है जो अपनी संस्कृति और परंपराओं को अपनी ताकत मानती हैं। इससे पहले फरवरी 2024 में उन्होंने यूरोप के सबसे ऊँचे ज्वालामुखी माउंट एटना पर भी विजय प्राप्त की थी।
“बेटियां यदि ठान लें तो दुनिया की कोई भी चोटी उनके हौसलों से ऊँची नहीं है। अपनी संस्कृति को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी शक्ति बनाएं।” – धोली मीणा

