डीग/गोपालगढ़। राजस्थान के डीग जिले के गोपालगढ़ थाना क्षेत्र स्थित मीलखेड़ा मदरसे में शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक और मानवता को शर्मसार कर देने वाला हादसा सामने आया। पढ़ाई के लिए मदरसे में आईं मासूम छात्राओं को सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए अंदर उतार दिया गया। इसी दौरान टैंक की एक दीवार ढह गई और जहरीली गैस का रिसाव होने लगा। मलबे में दबने और दम घुटने से हरियाणा के फिरोजपुर निवासी 16 वर्षीय छात्रा रोहिन पुत्री अब्दुल वहीद की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन एक्शन में है। मामले में मदरसा प्रशासन से जुड़े 4 लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है।
“बच्चों से ऐसा काम करवाना बेहद शर्मनाक”: गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम
इस हृदयविदारक घटना पर राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा:
“मदरसा के संचालकों को विचार करना चाहिए कि क्या बच्चों से ऐसी जगहों पर काम करवाना चाहिए? जिसने भी बच्चों को ऐसे काम पर लगाया है, वह बहुत ही शर्मनाक घटना है। बच्चे वहां पढ़ाई करने के लिए आते हैं, उनसे इस तरह के खतरनाक काम करवाना पूरी तरह गलत है। कल रात ही पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारी प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा है और सरकार ने अधिकारियों को पूरे मामले पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।”
10 दिन पहले भी साफ हुआ था टैंक, बचा मलबा निकालने उतारी गईं 13 छात्राएं
जांच में सामने आया है कि मदरसे के अंदर बना सेप्टिक टैंक करीब 30 फुट लंबा, 8 फुट चौड़ा और 10 फुट गहरा है। इस सीवर टैंक को 10 दिन पहले ही साफ करवाया गया था, लेकिन इसके तल में कुछ मलबा जमा रह गया था। आरोप है कि मदरसा प्रशासन ने इस बचे हुए मलबे को साफ कराने के लिए करीब 13 छात्राओं को टैंक के अंदर उतार दिया। लड़कियां जब अंदर से मलबा निकाल रही थीं, तभी 10 फीट गहरी दीवार भरभरा कर गिर गई और जहरीली गैस फैल गई।
मदरसा प्रशासन के 4 लोगों पर FIR दर्ज
हादसे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मदरसा प्रशासन से जुड़े चार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिन 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है, उनके नाम हैं:
मोहम्मद अरशद
मोहम्मद राशिद
मोहम्मद असजद
रिजवाना
पुलिस अधीक्षक (एसपी) का कहना है कि इस लापरवाही के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उनकी गिरफ्तारी कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर-एसपी मौके पर पहुंचे, घायलों का अलवर में इलाज जारी
हादसे की सूचना मिलते ही डीग जिला कलेक्टर मयंक मनीष अग्रवाल और एसपी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन) शुरू करवाया। मृतक छात्रा रोहिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है।
गंभीर रूप से घायल सभी छात्राओं और एक अन्य व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद अलवर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है। हादसे में घायल अधिकांश छात्राएं पड़ोसी राज्य हरियाणा की निवासी हैं।
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रशासन पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है।
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