राजस्थान पुलिस की चेतावनी: नकली प्रोफाइल, असली ठगी, ऑनलाइन रोमांस के चक्कर में हो सकते हैं कंगाल

जयपुर: आज के डिजिटल दौर में डेटिंग ऐप्स (Dating Apps) प्यार और दोस्ती तलाशने का सबसे आसान जरिया बन चुके हैं, लेकिन यही प्लेटफॉर्म अब साइबर अपराधियों के नापाक मंसूबों का नया अखाड़ा बन गए हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एक चौंकाने वाली एडवाइजरी जारी कर खुलासा किया है कि कैसे ठग डेटिंग ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों को अपने जाल में फसाते हैं और फिर एक सुनसान कैफे या रेस्टोरेंट में बुलाकर भारी-भरकम बिल थमा देते हैं।

कैसे बुना जाता है ठगी का यह पूरा जाल?

साइबर ठग Tinder, Bumble और Hinge जैसे लोकप्रिय डेटिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे आकर्षक और फर्जी प्रोफाइल (या AI-तैयार तस्वीरों) के जरिए पीड़ितों का भरोसा जीतते हैं। चैटिंग और वीडियो कॉल पर लंबी बातचीत के बाद मिलने का प्लान बनाया जाता है।

ठग अपनी पसंद के किसी खास कैफे या रेस्टोरेंट में मिलने का दबाव बनाते हैं, जहां उनका खुद का सिंडिकेट सक्रिय होता है। कैफे पहुंचते ही सामान्य बातचीत के बाद स्नैक्स या ड्रिंक्स का ऑर्डर दिया जाता है और फिर डेट पर आया शख्स किसी बहाने वहां से रफूचक्कर हो जाता है। इसके बाद शुरू होता असली खेल—मेज पर 15 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक का भारी-भरकम बिल थमा दिया जाता है। विरोध करने पर बाउंसरों और कर्मचारियों द्वारा डराया-धमकाया जाता है।

चौंकाने वाले आंकड़े बढ़ा रहे हैं चिंता

  • रोमांस स्कैम: I4C के आंकड़ों के अनुसार, कुछ ही महीनों में देशभर में 1,725 से ज्यादा रोमांस स्कैम की शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें पीड़ितों ने 13 करोड़ रुपये से अधिक गंवाए।
  • मैकफी (McAfee) शोध: हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 75 प्रतिशत भारतीयों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी प्रोफाइल या एआई-जनरेटेड तस्वीरों का सामना किया है, और 7 में से 1 भारतीय रोमांस स्कैम का शिकार हो चुका है।

राजस्थान पुलिस की महत्वपूर्ण एडवाइजरी और सुरक्षा टिप्स

साइबर थाना प्रभारी गजेंद्र शर्मा और पुलिस विभाग ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  • किसी अनजान व्यक्ति से मिलने से पहले उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और प्रोफाइल की सत्यता जांच लें।
  • यदि सामने वाला किसी विशेष कैफे या रेस्टोरेंट में मिलने का बार-बार आग्रह करे, तो अत्यधिक सतर्क हो जाएं।
  • पहली मुलाकात हमेशा किसी सुरक्षित और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान पर ही तय करें।
  • असामान्य या exorbitant (अत्यधिक) बिल आने पर अकेले में बहस करने के बजाय तुरंत पुलिस की सहायता लें।

जरूरी सूचना: यदि आपके साथ इस प्रकार की कोई ठगी हो जाती है, तो जरा भी न घबराएं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


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