भरतपुर: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने भरतपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। पंचायत समिति भुसावर में तैनात सहायक अभियंता (AEN) गोविन्द प्रसाद को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार करने के बाद जब उसके आवास की तलाशी ली गई, तो एसीबी अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपी अभियंता के घर से ₹43.38 लाख से अधिक की नकदी, लगभग 20 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां और कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
तलाशी में मिला कुबेर का खजाना: 500 रुपये की 86 गड्डियां बरामद
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर ट्रैप की कार्रवाई के तुरंत बाद डीआईजी एसीबी रेंज भरतपुर ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन तथा एएसपी अमित सिंह के नेतृत्व में आरोपी के आवास पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
सर्च के दौरान एसीबी को मिले मुख्य साक्ष्य और संपत्तियां:
- नकदी: कुल ₹43,38,500 नकद बरामद हुए, जिसमें 500-500 रुपये की 86 गड्डियां और 77 अतिरिक्त नोट शामिल थे।
- चांदी: लगभग 20 किलोग्राम शुद्ध चांदी की सिल्लियां जब्त की गईं।
- अचल संपत्तियां: जयपुर के पॉश इलाके मानसरोवर में हाउसिंग बोर्ड का एक मकान, हिंडौन सिटी में दो व्यावसायिक दुकानें और कई अन्य भूखंडों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह संपत्तियां आरोपी के स्वयं के नाम पर हैं या बेनामी, तथा इनकी खरीद के लिए धन का स्रोत क्या रहा है।
बिल पास करने और MB वेरिफिकेशन के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, सहायक अभियंता गोविन्द प्रसाद ने पंचायत समिति भुसावर के अंतर्गत एक संवेदक (ठेकेदार) की माप पुस्तिका (MB) और कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र के सत्यापन व हस्ताक्षर करने की एवज में 30 हजार रुपये की घूस मांगी थी।
परेशान होकर परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी चौकी भरतपुर में दर्ज कराई। शिकायत का गुप्त सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।
कार्यालय में दबिश देकर रंगे हाथों दबोचा
शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक महेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम गठित की गई। योजना के अनुसार, परिवादी को रिश्वत की तय रकम देकर पंचायत समिति भुसावर स्थित आरोपी के कार्यालय भेजा गया।
जैसे ही आरोपी गोविंद प्रसाद ने परिवादी से 30 हजार रुपये की रकम लेकर अपनी जेब में रखी, पहले से सतर्क बैठी एसीबी की टीम ने तुरंत धावा बोलकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। केमिकल परीक्षण के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाए जाने पर रंग गुलाबी हो गया, जिससे घूस लेने की पुष्टि हो गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज, आगे की जांच जारी
एसीबी महानिरीक्षक (IG) एस परिमला के सुपरविजन में आरोपी अधिकारी से लगातार गहन पूछताछ की जा रही है। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बैंक खातों, लॉकरों और अन्य निवेशों की भी पड़ताल की जा रही है, जिससे आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा होने की संभावना है।