जयपुर: राजधानी के करधनी थाना क्षेत्र स्थित गोविंदपुरा इलाके में शुक्रवार सुबह एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक कलयुगी पति ने घरेलू कलह और भारी कर्ज के दबाव में अपने ही हाथों अपना पूरा परिवार उजाड़ दिया। आरोपी राहुल उर्फ रोहित झा ने अपनी पत्नी और तीन जवान बेटियों के सिर पर पत्थर की पट्टी (स्लैब) से ताबड़तोड़ वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी।

नींद में ही दिया खौफनाक वारदात को अंजाम
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने इस जघन्य हत्याकांड को गुरुवार रात को ही अंजाम दे दिया था। जब पत्नी गीता (40) और तीनों बेटियां—नंदिनी, गिरीशा और राधिका (उम्र 17 से 23 वर्ष)—गहरी नींद में थीं, तब आरोपी ने पास ही पड़ी निर्माण कार्य की पत्थर की पट्टी यानी स्लैब से उनके सिर पर जानलेवा वार किए। वार इतने वीभत्स थे कि कमरे की दीवारें और फर्श खून के छींटों से लाल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने घर में फैले खून को साफ करने का भी प्रयास किया, जिसके प्रमाण स्वरूप पुलिस को मौके से खून से सने हुए कपड़े भी मिले हैं।

बुजुर्ग पिता को नहीं लगी भनक
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस समय यह खौफनाक खेल चल रहा था, उसी घर में राहुल के 85 वर्षीय वृद्ध पिता भी मौजूद थे। हालांकि, उन्हें कम सुनाई देता है, जिसके चलते इस दिल दहला देने वाली वारदात की भनक उन्हें रात में नहीं लग पाई। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे आरोपी को आखिरी बार दूध लेते हुए देखा गया था। वह अपने पिता से यह कहकर घर से निकला था कि वह नाश्ता लाने जा रहा है, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया। सुबह करीब 10 बजे जब घर से कोई हलचल नहीं हुई और पड़ोसियों को शक हुआ, तब इस राज से पर्दा उठा और चारों तरफ सनसनी फैल गई।
सुबह दूध लेने निकला, पिता से कहा- नाश्ता लेने जा रहा हूं
पुलिस की जांच के अनुसार रोहित को आखिरी बार सुबह करीब सात बजे दूध लेते हुए देखा गया था। घर से बाहर निकलते समय उसने अपने पिता से कहा कि वह नाश्ता लेने जा रहा है। उस समय भी पिता को यह अंदाजा नहीं था कि घर के भीतर क्या हो चुका है। रोहित के बाहर निकलने के बाद जब घटना का खुलासा हुआ तो परिवार और आसपास के लोग सकते में आ गए।

शेयर मार्केट का काम और लाखों का कर्ज बना वजह?
पुलिस की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी राहुल घर से ही शेयर मार्केट का काम करता था। शुरुआती जांच के अनुसार उस पर भारी कर्ज हो चुका था। उसने हाल ही में अपने एक पड़ोसी से 50 हजार रुपये की मदद भी मांगी थी, जिसमें से उसे 25 हजार रुपये मिले थे। पुलिस अब आर्थिक तंगी, कर्ज के दबाव और पारिवारिक कलह के तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर इस दोहरे हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पड़ोसी से मांगे थे 50 हजार, मिले सिर्फ 25 हजार
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि रोहित ने कर्ज चुकाने के लिए पड़ोसियों से 50 हजार रुपये की मदद मांगी थी। पड़ोसी ने उसे 50 हजार की बजाय 25 हजार रुपये दिए थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रोहित पर वास्तविक रूप से कितना कर्ज था, किस-किस व्यक्ति से लेन-देन था और आर्थिक दबाव को लेकर परिवार में किस तरह का तनाव चल रहा था।
सबसे बड़ा सवाल- सोती बेटियों से ऐसी क्या दुश्मनी?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक पिता ने अपनी ही सोती हुई मासूम बेटियों को निशाना बना दिया। क्या आर्थिक संकट और घरेलू कलह ने रोहित को इस हद तक मानसिक रूप से तोड़ दिया था या हत्या के पीछे कोई अन्य वजह थी? पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों और पड़ोसियों के बयान तथा रोहित से जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच के आधार पर पुलिस वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

एफएसएल (FSL) जांच और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही करधनी थाना पुलिस, उच्च अधिकारी, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से खून के नमूने, उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आयुक्त कार्यालय के निर्देश पर आरोपी राहुल झा की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और शहरभर में नाकाबंदी कर उसकी धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
इतना नहीं जांच पड़ताल के दौरान सामने आया है की रोहित ने हत्या की वारदात को रात को ही अंजाम दे दिया था और पूरी रात भर घर में रहा इतना ही नहीं हत्या करने के बाद उसने खून को भी साफ करने का प्रयास किया पुलिस को मौके से खून से सने हुए कपड़े भी मिले हैं संभवत और दिशा जताया जा रहा है की हत्या के बाद उसने खून साफ किया फिर मौका देखकर सुबह नाश्ता लेने के बहाने घर से निकल गया