निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा

जयपुर, नगरीय विकास एवं आवासन (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में हो रहे शहरी विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुधवार को स्वायत्त शासन विभाग के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

थर्ड पार्टी जांच होगी अनिवार्य

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में मंत्री खर्रा ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी जांच (Third Party Audit) अनिवार्य रूप से करवाई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित जनहितैषी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचना चाहिए, जिसके लिए अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

कचरा मुक्त शहरों के लिए ‘अनाज एटीएम’ और बायो-रेमेडिएशन

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन और शहरी सौंदर्यीकरण को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति साझा की गई:

  • पुराने कचरे का निस्तारण: स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब तक 83 लाख घन मीटर पुराने कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। शेष 65 लाख घन मीटर कचरे के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं।
  • ग्रीन लंग्स और साउंड बैरियर: प्रदेश के 16 निकायों में ‘ग्रीन लंग्स’ (शहरी वन) विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें उदयपुर और भीलवाड़ा में कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही, ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए भरतपुर, अलवर और उदयपुर में साउंड बैरियर्स लगाए जाएंगे।
  • सड़क मरम्मत: प्रमुख शासन सचिव देबाशीष पृष्टि ने बताया कि वर्षाकाल के बाद अब तक विभाग द्वारा 8.92 लाख वर्गमीटर सड़क की मरम्मत की जा चुकी है।

प्रमुख उपस्थित और निर्देश

बैठक में शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) आयुक्त सिद्धार्थ महाजन सहित प्रदेशभर के नगरीय विकास न्यासों और निकायों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मंत्री ने अधिकारियों को बजट घोषणा 2025-26 के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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