मुकदमे का डर और मोबाइल पर टाइप हुई 10 हजार की घूस: बांसवाड़ा में शातिर बाबू का ‘खेल’, ट्रेजरी का अधिकारी भी नपा

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बांसवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बेहद शातिर घूसखोर को उसके एक अन्य साथी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है । ई-मित्र संचालक को फर्जीवाड़े के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 10 हजार रुपये की रिश्वत वसूली जा रही थी । इस मामले में तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक और कोष कार्यालय (ट्रेजरी) के सहायक प्रशासनिक अधिकारी को एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दबोच लिया है

फर्जी हस्ताक्षर का खौफ दिखाकर रची साजिश

बड़गांव में स्वास्तिक ई-मित्र चलाने वाले परिवादी मनोज वैष्णव ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी । शिकायत के अनुसार, साल 2024 में जितेन्द्र नाम के एक व्यक्ति ने मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र के लिए उसके ई-मित्र से आवेदन किया था । वर्ष 2026 में उसी व्यक्ति ने किसी अन्य ई-मित्र से दोबारा आवेदन किया, जिसकी जांच बांसवाड़ा तहसील के वरिष्ठ सहायक कचरू कटारा के पास पहुंची । कचरू कटारा ने परिवादी को कॉल करके धमकाया कि उसने 2024 वाले फॉर्म पर पटवारी के फर्जी हस्ताक्षर किए थे । पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने का खौफ दिखाकर उसने मामले को रफा-दफा करने के लिए घूस की मांग शुरू कर दी ।

शातिर बाबू: मुंह से नहीं बोला, मोबाइल पर टाइप की रकम

परिवादी जब तहसील कार्यालय पहुंचा, तो कचरू कटारा ने बड़ी ही चालाकी दिखाई । एसीबी के सत्यापन के दौरान कचरू ने अपनी जुबान से रिश्वत की रकम नहीं मांगी, बल्कि अपने मोबाइल फोन पर ‘10,000’ टाइप करके परिवादी को दिखाया और होली के बाद यह रकम नकद देने को कहा । इस पूरी शातिराना हरकत की भनक एसीबी को लग गई और ट्रैप की पुख्ता योजना बनाई गई ।

ट्रेजरी ऑफिस में लिया पैसा, साथी को थमाया

योजना के अनुसार, परिवादी 10 हजार रुपये लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा । कचरू कटारा परिवादी को वहां से कोष कार्यालय (ट्रेजरी) की दूसरी मंजिल पर ले गया । वहां एक कक्ष में कचरू ने परिवादी से 10 हजार रुपये रिश्वत अपने हाथों में ली और सामने कुर्सी पर बैठे सहायक प्रशासनिक अधिकारी मिलन भट्ट को पकड़ा दी ।

दराज से निकले 10 हजार, दोनों गिरफ्तार

इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने ट्रेजरी ऑफिस के उस कक्ष में दबिश दी । पूछताछ में मिलन भट्ट ने बताया कि कचरू कटारा ने ही उसे यह रकम संभालने के लिए दी थी । एसीबी ने मिलन भट्ट की टेबल की नीचे वाली दराज में रद्दी कागजों के बीच छिपाकर रखे गए 10 हजार रुपये बरामद कर लिए । हाथ धुलाई के दौरान दोनों आरोपियों के हाथों से गुलाबी रंग निकला, जिससे उनका दोष साबित हो गया । एसीबी ने कचरू कटारा और मिलन भट्ट को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है ।

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