बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में जयपुर डिस्कॉम (JVVNL) ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब उपभोक्ताओं को अपने भारी-भरकम बिजली बिलों या तकनीकी विवादों के निपटारे के लिए राजधानी जयपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। डिस्कॉम के ‘निगम स्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम’ (CLGRF) ने ऑनलाइन सुनवाई की प्रक्रिया सफलतापूर्वक शुरू कर दी है।
MD आरती डोगरा की अध्यक्षता में हुई पहली ऑनलाइन सुनवाई
मंगलवार, 24 मार्च को जयपुर डिस्कॉम की प्रबंध निदेशक (MD) आरती डोगरा की अध्यक्षता में फोरम ने कुल 6 मामलों की सुनवाई की। खास बात यह रही कि इनमें से 3 मामले जयपुर से बाहर के थे। भिवाड़ी और कोटा जैसे शहरों के उपभोक्ता अपने संबंधित सर्किल कार्यालयों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और अपना पक्ष रखा।
इन मामलों का हुआ निपटारा
ऑनलाइन सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित विवादों पर चर्चा और निर्णय लिए गए:
- विलंब भुगतान अधिभार (LPSC): भिवाड़ी के उपभोक्ताओं के पेनाल्टी माफी संबंधी प्रकरण।
- ब्याज माफी: बिजली बिल पर बकाया ब्याज से जुड़े मामले।
- डिमांड सरचार्ज: कोटा सर्किल से जुड़े डिमांड सरचार्ज के बकाया प्रकरण।
ऑनलाइन सुनवाई के नियम और प्रक्रिया
जयपुर डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 19 फरवरी को इस व्यवस्था का आदेश जारी किया था, जिसका अब प्रभावी क्रियान्वयन शुरू हो गया है।
- पात्रता: 5 लाख रुपये से अधिक के बिलिंग विवादों के लिए CLGRF में सुनवाई की जाती है।
- पूर्व सूचना: ऑनलाइन जुड़ने के लिए उपभोक्ता को सुनवाई की तिथि से 3 कार्यदिवस पूर्व फोरम को सूचित करना अनिवार्य है।
- कर्मचारियों को भी राहत: अब निगम के अधिकारियों और कार्मिकों को भी पक्ष रखने के लिए मुख्यालय आने की जरूरत नहीं होगी, जिससे सरकारी कामकाज की गति बढ़ेगी।
यहाँ दर्ज कराएं अपनी शिकायत
उपभोक्ता त्रुटिपूर्ण बिलिंग या अन्य विवादों के लिए इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
- ई-मेल: secomml@jvvnl.org
- पोर्टल: www.bijlimitra.com
- पंजीकृत डाक: निगम मुख्यालय स्थित उपभोक्ता फोरम के पते पर।
“इस डिजिटल पहल से न केवल उपभोक्ताओं के समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि विवादों का निस्तारण भी अधिक पारदर्शिता और तेजी से हो सकेगा।” — प्रबंध निदेशक, जयपुर डिस्कॉम
