जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान को नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार किया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि नशे के कारोबार में लिप्त गिरोहों और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जाए।
नशे की सप्लाई चेन पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पकड़धरण से काम नहीं चलेगा, बल्कि नशे की पूरी सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) के रूट को चिन्हित कर उसे जड़ से खत्म करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी और सतर्कता बढ़ाई जाए।
- पुलिस, ड्रग्स कंट्रोलर और स्वास्थ्य विभाग मिलकर समन्वित प्रयास करें।
- नशे के प्रकरणों में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी पैरवी सुनिश्चित हो।
साइबर अपराधियों और गैंगस्टर्स पर कड़ा शिकंजा
बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए CM शर्मा ने कहा कि जिन क्षेत्रों में साइबर ठगी की घटनाएं अधिक हैं, वहां तब तक अभियान चलाया जाए जब तक अपराध जड़ से समाप्त न हो जाए। उन्होंने गैंगस्टर्स और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने और आधुनिक तकनीक (Modern Policing) अपनाने पर जोर दिया।
हर 10 दिन में होगी प्रगति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पाबंद किया कि अपराधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की प्रगति की मॉनिटरिंग प्रत्येक 10 दिन के अंतराल पर की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बरती गई, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जागरूकता: स्कूलों और कॉलेजों में चलेंगे अभियान
नशे को अपराध की जड़ बताते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:
- विद्यालयों और महाविद्यालयों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
- सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर आमजन को पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य कानूनों की जानकारी दी जाए।
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जुड़े।
