अमाइरा मौत मामला: नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द करने के मुद्दे पर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार

जयपुर, जयपुर के चर्चित नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा अमाइरा की मौत के बाद स्कूल की संबद्धता (Affiliation) रद्द करने का मामला गरमाता जा रहा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने फिलहाल इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।

कोर्ट ने स्कूल को दिया एक सप्ताह का समय

जस्टिस बिपिन गुप्ता ने शुक्रवार को स्कूल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि स्कूल को इस मामले में सबसे पहले CBSE के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए। कोर्ट ने स्कूल प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सीबीएसई को अपना अभ्यावेदन (Representation) देने को कहा है। साथ ही, सीबीएसई को निर्देश दिया गया है कि वे अभ्यावेदन मिलने के तीन सप्ताह के भीतर इस पर अंतिम निर्णय लें।

“सीधे हाईकोर्ट आने का अधिकार नहीं” – CBSE

सुनवाई के दौरान सीबीएसई के अधिवक्ता एमएस राघव ने कोर्ट में दलील दी कि स्कूल को सीधे हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है। नियमों के मुताबिक, स्कूल को पहले सीबीएसई चेयरमैन के समक्ष अपील पेश करनी चाहिए थी। सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि तथ्यों और जांच के आधार पर ही स्कूल की संबद्धता रद्द करने का निर्णय लिया गया था।

जांच में सामने आई थीं गंभीर खामियां

अमाइरा की मौत के बाद हुई जांच में स्कूल प्रशासन की कई बड़ी लापरवाहियां उजागर हुई थीं:

  • पहचान में देरी: घटना के आधे घंटे बाद तक यह पता नहीं चल सका था कि चौथी मंजिल से कूदने वाली छात्रा कौन थी।
  • आईडी कार्ड का अभाव: जांच में पाया गया कि स्कूल के बच्चे आईडी कार्ड नहीं पहनते थे, जिससे आपात स्थिति में पहचान मुश्किल हो गई।
  • सुरक्षा में चूक: स्कूल परिसर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की भी बात सामने आई है।

छात्रों के भविष्य पर कोर्ट का रुख

अभिभावकों और छात्रों की चिंता को देखते हुए अदालत ने फिलहाल यह राहत दी है कि जब तक सीबीएसई कोई अंतिम फैसला नहीं ले लेती, तब तक बच्चों को किसी अन्य स्कूल में शिफ्ट नहीं किया जाएगा। सुनवाई के दौरान स्कूली बच्चों की ओर से भी पक्ष रखने की कोशिश की गई, लेकिन अदालत ने फिलहाल याचिका को मेंटेनेबल (सक्षम) नहीं माना।

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