राजस्थान डिजिफेस्ट 2026: कैसे बनें ‘भविष्य के शहर’? दुबई इंटरनेट सिटी के MD अम्मार अल मलिक ने साझा किया सफलता का मंत्र

जयपुर, सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में चल रहे राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 के दूसरे दिन ‘भविष्य के शहरों’ के निर्माण पर गहन मंथन हुआ। सोमवार को आयोजित ‘बिल्डिंग सिटीज ऑफ द फ्यूचर: इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट एंड ग्लोबल हब्स’ सत्र में दुबई इंटरनेट सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर अम्मार अल मलिक ने आधुनिक शहरों के विकास के वैश्विक मॉडल पर चर्चा की।

🏙️ केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, ‘इकोसिस्टम’ से बनते हैं आधुनिक शहर

टाई दुबई के चेयरमैन प्रशांत के. गुलाटी के साथ फायरसाइट चैट में मलिक ने कहा कि भविष्य के शहरों की पहचान केवल ऊंची इमारतों या बुनियादी ढांचे से नहीं होती। सफल शहरों का निर्माण चार स्तंभों के तालमेल से होता है:

  1. सरकार (Government)
  2. उद्यम (Enterprise)
  3. स्टार्टअप (Startups)
  4. प्रतिभा (Talent)

💡 दुबई इंटरनेट सिटी का उदाहरण: नवाचार और निवेश

मलिक ने टीईसीओएम (TECOM) ग्रुप और दुबई इंटरनेट सिटी के अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे दुबई एक वैश्विक हब बना:

  • क्लस्टर मॉडल: प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स और ग्लोबल फर्म्स को एक ही स्थान पर क्लस्टर (एकत्रित) करने से सहयोग और आर्थिक विकास की गति तेज होती है।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: उन्होंने जोर दिया कि सफल ‘इनोवेशन डिस्ट्रिक्ट्स’ केवल रियल एस्टेट विकास से नहीं, बल्कि व्यापार करने की सुगमता और दीर्घकालिक सामुदायिक भागीदारी से तैयार होते हैं।
  • इकोसिस्टम डिजाइन: किसी शहर की वैश्विक हब बनने की संभावना तब बढ़ती है जब वहां का इकोसिस्टम प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें रोकने में सक्षम हो।

🚀 राजस्थान के लिए प्रेरणा

सत्र के दौरान यह निष्कर्ष निकला कि दुबई का नवाचार मॉडल राजस्थान जैसे तेजी से उभरते राज्यों के लिए एक प्रेरणा स्रोत हो सकता है। सरकार और स्टार्टअप्स के बीच प्रभावी साझेदारी से जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों को भी वैश्विक स्तर के तकनीकी क्लस्टर्स के रूप में विकसित किया जा सकता है।

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