EXPOSE NOW की खबर का बड़ा असर: एक पोस्ट से हिल गया नगर निगम प्रशासन, 6 घंटे में जारी हुआ कैलाश नाथ भट्ट के भाई का मृत्यु प्रमाण पत्र

जयपुर। राजधानी जयपुर के नगर निगम ग्रेटर के सांगानेर जोन में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर ‘EXPOSE NOW NEWS’ द्वारा प्रमुखता से उठाई गई खबर का बड़ा असर हुआ है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रवक्ता कैलाश नाथ भट्ट द्वारा अपने भाई के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए सिस्टम की लाचारी और दलाली की पोल खोलने के बाद कुंभकर्णी नींद में सोये निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया। खबर प्रकाशित होने और सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद नगर निगम प्रशासन ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए तुरंत मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया।

घर पहुंचा प्रमाण पत्र, सिस्टम की खुली पोल

जिस मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कैलाश नाथ भट्ट और उनके परिजन पिछले कई दिनों से चक्कर काट रहे थे और सिस्टम उन्हें घुमा रहा था, वही प्रमाण पत्र मामला तूल पकड़ते ही कुछ ही घंटों में तैयार हो गया। निगम के अधिकारियों ने खुद संपर्क कर कैलाश नाथ भट्ट को उनके दिवंगत भाई का मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया। यह घटनाक्रम साबित करता है कि काम में देरी तकनीकी खामी नहीं, बल्कि “दलाली प्रथा” और “कमीशनखोरी” की वजह से की जा रही थी।

क्या था पूरा मामला?

भाजपा नेता कैलाश नाथ भट्ट के बड़े भाई का निधन 3 दिसंबर 2025 को हुआ था। नियमानुसार आवेदन करने के बावजूद उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा था। इससे आहत होकर भट्ट ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा था कि “मेरी गलती सिर्फ इतनी है कि मैंने दलाल के माध्यम से आवेदन नहीं किया।”

उन्होंने साफ किया था कि सांगानेर जोन में बिना दलाल के पत्ता भी नहीं हिलता। उनकी इस पोस्ट के बाद Expose Now News ने प्रमुखता से सवाल उठाया था कि जब सीएम के गढ़ में सत्ताधारी पार्टी के वरिष्ठ नेता का यह हाल है, तो आम जनता का क्या होगा?

आम आदमी अब भी कतार में

कैलाश नाथ भट्ट को तो अपने रसूख और मीडिया में खबर आने के बाद न्याय मिल गया, लेकिन इस कार्रवाई ने कई सवाल पीछे छोड़ दिए हैं।

  • क्या अब सांगानेर जोन में आम आदमी को बिना दलाल के प्रमाण पत्र मिल पाएगा?
  • क्या हर जायज काम के लिए जनता को अब सोशल मीडिया पर गुहार लगानी पड़ेगी?

बहरहाल, इस कार्रवाई से इतना तो साफ है कि अगर आवाज बुलंद की जाए तो भ्रष्ट सिस्टम को भी झुकना पड़ता है।

Share This Article
Leave a Comment