जयपुर जिले के अमरसर थाना क्षेत्र में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस थाने में दर्ज एक परिवाद को रफादफा करने और परिवादी के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने की एवज में 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए एक दलाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। एसीबी ने इस मामले में मुख्य आरोपी हेड कांस्टेबल को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एसीबी के हत्थे चढ़े आरोपी
- राकेश कुमार मीणा: शराब के ठेके का सेल्समैन (निजी व्यक्ति/दलाल)
- रतन लाल आर्य: हेड कांस्टेबल (बैज नंबर 520), पुलिस थाना अमरसर, जयपुर ग्रामीण
इस तरह बुना गया एसीबी का जाल
एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, जयपुर नगर-प्रथम इकाई को एक लिखित शिकायत मिली थी। परिवादी ने आरोप लगाया था कि उसके खिलाफ अमरसर थाने में दर्ज एक परिवाद को खत्म करने और उसके पक्ष में रिपोर्ट लगाने के बदले हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य द्वारा 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है।
शिकायत के सत्यापन के दौरान यह बात सामने आई कि मामला 40 हजार रुपए में तय हुआ है। हेड कांस्टेबल ने खुद रिश्वत लेने के बजाय अमरसर स्थित देशी-अंग्रेजी शराब के ठेके के सेल्समैन राकेश कुमार मीणा को आगे कर दिया। मंगलवार को जैसे ही दलाल राकेश ने परिवादी से 40 हजार रुपए लिए, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद पूछताछ के बाद हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
आगे की कार्रवाई और एसीबी की अपील
वर्तमान में एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।
एसीबी ने आमजन से अपील की है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 9413502834 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।