जयपुर (राजस्थान)। राजधानी जयपुर के बगरू स्थित रीको इंडस्ट्रियल एरिया में केबल फैक्ट्री में लाखों रुपये की चोरी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य एक वारदात के बाद दोबारा उसी क्षेत्र में नई चोरी की योजना बना रहे थे, लेकिन इससे पहले ही बगरू थाना पुलिस ने घेराबंदी कर हरियाणा के छह शातिर बदमाशों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।





2 जुलाई की रात दिया था वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार, 2 जुलाई 2026 की देर रात करीब 2:00 से 4:00 बजे के बीच बगरू रीको इंडस्ट्रियल एरिया (एफ-29) स्थित लुहाडिया एंपी केबल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड पर अज्ञात चोरों ने धावा बोला था। चोर फैक्ट्री परिसर से लाखों रुपये मूल्य के कीमती केबल, कॉपर वायर और मशीनरी के उपकरण चुराकर फरार हो गए थे। 29 जुलाई को कंपनी प्रबंधन की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।
CCTV फुटेज और ‘हरियाणा नंबर ऑटो’ से खुला राज
जांच अधिकारी थानाधिकारी राजेन्द्र कुमार गोदारा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
- फुटेज विश्लेषण में सामने आया कि संदिग्ध आरोपी हरियाणा नंबर के ऑटो रिक्शा से वारदात स्थल पर पहुंचे थे और चोरी का माल उसी में भरकर ले गए थे।
- तकनीकी साक्ष्यों और रूट मैपिंग के आधार पर पुलिस ने पाया कि गिरोह वारदात के बाद हरियाणा की सीमा की तरफ गया था। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इन संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
कालाडेरा में नई वारदात की तैयारी, पुलिस ने बिछाया जाल
16 अगस्त की देर रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वही गिरोह कालाडेरा रीको क्षेत्र में किसी अन्य फैक्ट्री को निशाना बनाने की योजना के साथ घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और छह बदमाशों को वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले धर दबोचा।
बरामद उपकरण एवं हथियार
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से सुनियोजित चोरी और बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए:
- तार काटने वाला कटर (Wire Cutter)
- संपूर्ण टूल किट एवं अलग-अलग नंबर के पाने
- 2 प्लास (Pliers)
- गुलेल और कांच की गोलियां
- हमले से बचने और प्रतिरोध के लिए लाल मिर्च पाउडर
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पकड़े गए सभी आरोपी हरियाणा के रेवाड़ी और झज्जर जिले के रहने वाले हैं:
| क्र. सं. | नाम | उम्र | निवासी |
| 1 | दीपक | 24 वर्ष | रेवाड़ी / झज्जर (हरियाणा) |
| 2 | साहिल उर्फ सागर | 32 वर्ष | रेवाड़ी / झज्जर (हरियाणा) |
| 3 | तरुण उर्फ डिल्लू | 21 वर्ष | रेवाड़ी / झज्जर (हरियाणा) |
| 4 | जोगेन्द्र | 31 वर्ष | रेवाड़ी / झज्जर (हरियाणा) |
| 5 | सन्नी | 25 वर्ष | रेवाड़ी / झज्जर (हरियाणा) |
| 6 | नरेन्द्र उर्फ निन्दर | 34 वर्ष | रेवाड़ी / झज्जर (हरियाणा) |
अपराध का तरीका (Modus Operandi)
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों में सुनसान या कमजोर सुरक्षा वाली फैक्ट्रियों की रेकी करते थे। इसके बाद रात के अंधेरे में ऑटो रिक्शा से पहुंचकर ताले या जालियां काटकर कीमती वायर और मशीनरी पार कर लेते थे। चोरी का माल ऑटो में भरकर सीधे हरियाणा ले जाया जाता था, जहां कबाड़ियों को सस्ते दामों में बेचकर मुनाफा आपस में बांट लिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए कई आरोपियों पर पहले से हत्या, लूट और नकबजनी जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों और गिरोह के अन्य सहयोगियों का पता लगाने के लिए रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। राजस्थान के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में हुई चोरियों के खुलासे की भी संभावना है।