करौली: सावन माह की हरियाली सावनी तीज के पावन अवसर पर शनिवार को करौली के आराध्य देव भगवान मदनमोहनजी मंदिर में आस्था का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
वर्ष में केवल दो बार होते हैं हिण्डोले के दर्शन
सावनी तीज के इस विशेष अवसर पर भगवान मदनमोहनजी को विशेष रूप से हिण्डोले में विराजमान कर झुलाया गया, जिसके अलौकिक और मनमोहक दर्शन पाकर भक्त निहाल हो गए। उल्लेखनीय है कि भगवान मदनमोहनजी के झूला झूलते हुए दर्शन वर्ष में केवल दो ही अवसरों— सावनी तीज और धुलण्डी— पर होते हैं। यही कारण है कि इन दुर्लभ दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिला। मदनमोहनजी के अलावा शहर के अन्य मंदिरों में भी ठाकुरजी को हिण्डोले में झुलाया गया, जिससे पूरे करौली शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
बारिश के बीच भी नहीं डिगी भक्तों की आस्था

मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर ट्रस्ट द्वारा दर्शन के समय में आवश्यक परिवर्तन किए गए थे तथा भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
- दर्शन के दौरान बीच-बीच में रिमझिम बारिश भी हुई, जिससे श्रद्धालुओं को कुछ कठिनाई का सामना करना पड़ा।
- इसके बावजूद भक्तों का उत्साह और श्रद्धा जरा भी कम नहीं हुई तथा वे बारिश की परवाह किए बिना कतारों में डटे रहे और भगवान के दर्शन किए।
यातायात व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी
भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा, जिसने यातायात को सुचारू रखने और भीड़ को संभालने में अहम भूमिका निभाई। सावनी तीज के मौके पर करौली में भक्ति, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।