राजस्थान में निर्बाध बिजली आपूर्ति की तैयारी: 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य, ऊर्जा मंत्री ने की समीक्षा

विद्युत भवन में आयोजित ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने प्रदेश में बिजली की आपूर्ति, उत्पादन और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।

बैटरी ऊर्जा भंडारण और सौर ऊर्जा पर जोर

ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि विद्युत निगम ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता (BESS) विकसित करने के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएं। बैठक में ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने अवगत कराया कि डिस्कॉम्स द्वारा पायलट आधार पर 172 मेगावाट/688 मेगावाट ऑवर बैटरी भंडारण क्षमता की निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। इसके अलावा, उत्पादन निगम व अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा 12,400 मेगावाट ऑवर क्षमता की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को भी गति देने के निर्देश दिए गए।

किसानों को दिन में बिजली और रिकॉर्ड खपत

सरकार की प्राथमिकता के तहत वर्ष 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी है। इसके लिए ट्रांसमिशन क्षमता और नए सब-स्टेशनों के निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष जुलाई माह में बिजली की दैनिक औसत खपत 3369 लाख यूनिट रही, जो पिछले साल से 22 प्रतिशत अधिक है, वहीं 18 जुलाई को राज्य ने अब तक की सर्वाधिक 4040 लाख यूनिट खपत को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया।


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