सिंधिया रियासत की बेशकीमती तोप की तलाश में हिंडौन में संयुक्त ऑपरेशन: जेसीबी से खुदाई और मेटल डिटेक्टर का हो रहा इस्तेमाल

करौली/हिंडौन: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से चोरी हुई लगभग 400 साल पुरानी बेशकीमती तोप को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। चोरी की इस बहुमूल्य ऐतिहासिक तोप का इनपुट राजस्थान के करौली जिले में मिला है, जिसके बाद मध्य प्रदेश और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है

क्या है पूरा मामला?

मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित नरवर किले (सिंधिया रियासत के समय की धरोहर) से 16 जुलाई की रात 25-30 हथियारबंद बदमाशों ने सुरक्षा गार्डों को खदेड़कर किले के पिछले हिस्से से इस प्राचीन तोप को वाहन में लोड किया और फरार हो गए थे। चोरी के 12 दिन बाद पुलिस को तकनीकी सुराग और मोबाइल लोकेशन के आधार पर इसके करौली में होने का इनपुट मिला।

मोबाइल लोकेशन ने पहुंचाया हिंडौन के गांवड़ा मीणा

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नरवर किले की रैकी करने वाले और चोरी की रात सक्रिय रहे लगभग 15 से 20 संदिग्धों के मोबाइल फोन की लोकेशन एक ही जगह पर पाई गई। इन सभी नंबरों की लोकेशन करौली के हिंडौन सदर थाना क्षेत्र स्थित गांवड़ा (गांवड़ी) मीणा गांव के पास ट्रेस हुई। इसके बाद शिवपुरी टाउन इंस्पेक्टर विनय यादव के नेतृत्व में MP पुलिस की स्पेशल टीम करौली पहुँची

ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) और जेसीबी से तलाश

स्थानीय हिण्डौन सदर थाना पुलिस की मौजूदगी में गांवड़ा मीणा क्षेत्र में संदिग्ध स्थानों पर भारी सुरक्षा के बीच तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। तोप का जमीन के नीचे या अन्य स्थानों पर छिपे होने के अंदेशे को देखते हुए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है:

  • ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR): जमीन के भीतर छिपी वस्तुओं का पता लगाने के लिए।
  • मेटल डिटेक्टर: धातु की मौजूदगी की जांच के लिए।
  • जेसीबी मशीनें: संदिग्ध स्थानों पर जमीन की खुदाई कर तोप को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है।

हिण्डौन सदर थानाधिकारी गिर्राज प्रसाद ने बताया कि उच्च अधिकारियों से मिले इनपुट और निर्देशों के आधार पर यह संयुक्त सर्च अभियान चलाया गया है। पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है। हालांकि, अभी तक पुलिस द्वारा तोप के आधिकारिक रूप से बरामद होने की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से आधुनिक उपकरणों के साथ दबिश दी जा रही है, उससे जल्द ही बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।

बुलाई गई सामाजिक पंचायत

तोप के सुराग को तलाशने के लिए पुलिस अब स्थानीय स्तर पर भी पूछताछ और सहयोग ले रही है। हिण्डौन डीएसपी मुनेश कुमार ने बताया कि मामले को लेकर आज एक सामाजिक पंचायत भी बुलाई गई है, जिसमें लोगों से जानकारी जुटाई जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर चर्चा की जाएगी। DSP मुनेश कुमार ने बताया की मध्यप्रदेश पुलिस से आंशका के आधार पर मिले इनपुट पर बुधवार को दिनभर जेसीबी मशीन से खुदवाई करवाई गई अन्य संसाधनों से भी जांच पडताल की गई। फिलहाल तोप होने का कोई ठोस सबूत नही मिला है। आज सामाजिक पंचायत भी बुलाई गई है। उनसे भी जानकारी ली जायेगी। सर्च अभियान फिलहाल जारी है। डीएसपी ने यह भी बताया की अगर इलाके के तोप चोरी के किसी भी आरोपी का नाम सामना आता है तो पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई भी की जायेगी।


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