जयपुर। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाले फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले एक निलंबित पटवारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी जगह दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई थी और उसी के आधार पर चयनित होकर सरकारी सेवा में नियुक्ति भी प्राप्त कर ली थी। SOG की गहन जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दिनेश कुमार विश्नोई (34), पुत्र तुलसाराम, निवासी भादरोणा (तहसील सांचौर, जिला जालोर) ने वर्ष 2021 की पटवार भर्ती परीक्षा में पटवारी पद के लिए आवेदन किया था। लेकिन परीक्षा स्वयं देने के बजाय उसने अपनी जगह एक डमी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र भेज दिया। डमी अभ्यर्थी ने परीक्षा देकर दिनेश को चयनित करवाया, जिसके बाद उसकी नियुक्ति सिरोही जिले की रेवदर तहसील के पटवार हल्का मंगरीवाड़ा में पटवारी के पद पर हो गई।
गोपनीय शिकायत से खुला पूरा मामला
SOG को इस भर्ती में गड़बड़ी की गोपनीय सूचना मिली थी। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने दस्तावेजों, परीक्षा रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर SOG पुलिस थाने में प्रकरण संख्या 71/2024 दर्ज किया गया और विभिन्न धाराओं में अनुसंधान शुरू किया गया। जांच पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रवेश पत्र पर बदली गई फोटो, फर्जी हस्ताक्षर भी किए
जांच में सामने आया कि दिनेश कुमार ने एक दलाल की मदद से अपने प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ की थी। उसने एडमिट कार्ड पर अपनी फोटो हटाकर डमी अभ्यर्थी की फोटो लगवाई और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया। इसी फर्जी प्रवेश पत्र के आधार पर डमी अभ्यर्थी ने 23 अक्टूबर 2021 को उदयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दी।
SOG अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों में कूटरचना और पहचान छिपाने के लिए पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी ताकि परीक्षा के दौरान किसी को संदेह न हो।
डमी अभ्यर्थी को दिए गए थे 5 लाख रुपये
पूछताछ और जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा दिलाने के लिए आरोपी ने एक मध्यस्थ (दलाल) के माध्यम से डमी अभ्यर्थी को 5 लाख रुपये नकद दिए थे। यह पूरी डील परीक्षा से पहले तय हुई थी। दलाल ने ही मूल अभ्यर्थी और डमी अभ्यर्थी के बीच संपर्क कराया और पूरी योजना को अंजाम दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
SOG अब इस आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
विशेष अभियान के दौरान हुई गिरफ्तारी
महानिरीक्षक पुलिस (SOG) अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरवीजन तथा पुलिस अधीक्षक कुन्दन कंवरिया के नेतृत्व में प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत अनुसंधान अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक नवनीत भारद्वाज के नेतृत्व में गठित टीम ने मुख्य आरोपी दिनेश कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ जारी है और SOG यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
इन लोगों की भूमिका आई सामने
जांच में तीन प्रमुख लोगों की भूमिका सामने आई है—
- मूल अभ्यर्थी: दिनेश कुमार विश्नोई (34), निवासी भादरोणा, सांचौर (जालोर), वर्तमान में निलंबित पटवारी।
- मध्यस्थ (दलाल): चौथाराम विश्नोई उर्फ गिला, निवासी लियादरा, सांचौर।
- डमी अभ्यर्थी: विक्रम विश्नोई (30), निवासी मीरपुरा, रानीवाड़ा (जालोर), जिसने दिनेश की जगह परीक्षा दी।
भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े पर SOG की सख्ती
राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट और नकल गिरोह के कई मामले सामने आने के बाद SOG लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान यदि अन्य अभ्यर्थियों या दलालों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
