करौली। राजस्थान के करौली जिले में पिछले दो दशकों से चले आ रहे पांचना बांध के जल बंटवारे का विवाद सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर समाप्त हो गया। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री व जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पांचना बांध के गेट खोलकर गंभीर नदी और कमांड एरिया की नहरों में जल निकासी का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक निर्णय से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है।

61 करोड़ की लागत से नई सिंचाई परियोजनाएं
जल निकासी से पहले, मंत्रियों ने गुडला गांव स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और 61 करोड़ रुपये की लागत वाली दो नवीन लिफ्ट परियोजनाओं व गुड़ला लिफ्ट परियोजना की पीडीएन सिस्टम रिमॉडलिंग का शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं पांचना बांध के 39 गांवों, कमांड एरिया के 35 गांवों और गंभीर नदी क्षेत्र के 360 गांवों के किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा करेंगी। इससे लगभग 13 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधा लाभ मिलेगा।

भजनलाल सरकार ने निभाया वादा
मंत्री सुरेश सिंह रावत ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा किसानों की समस्याओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिफ्ट परियोजनाओं का कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा और गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है।

क्या था दो दशक पुराना विवाद?

पांचना बांध का निर्माण 1972 में हुआ था और 2005 में इसे पूर्ण स्वरूप दिया गया। बांध निर्माण के समय से ही पांचना क्षेत्र के 39 गांव (जिनकी जमीन अधिग्रहित हुई थी) और कमांड एरिया के 35 गांवों के बीच जल बंटवारे को लेकर पेंच फंसा था। बांध किसान अपने अधिकारों के लिए अड़े थे, वहीं कमांड एरिया के किसान नहरों में पानी की मांग कर रहे थे। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और सरकार के स्तर पर हुई वार्ताओं के बाद सहमति बनी, जिसके चलते सोमवार को पानी की निकासी संभव हो सकी है।
