आवासीय क्षेत्र में चल रही रेलवे लॉन्ड्री: जहरीले धुएं और शोर से स्कूली बच्चों का जीना मुहाल, प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप

जयपुर: शहर के करतारपुरा क्षेत्र (वार्ड सं. 87) में रेलवे द्वारा संचालित अवैध लॉन्ड्री फैक्ट्रियों को लेकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। रिहायशी कॉलोनी और सरकारी स्कूल के ठीक सामने संचालित इस लॉन्ड्री के कारण फैल रहे भारी प्रदूषण और शोर से परेशान सैकड़ों निवासियों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। करतारपुरा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री और रेलमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इसे अविलंब हटाने की मांग की है।

निवासियों की मुख्य समस्याएँ और अवैध गतिविधियों के आरोप: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन द्वारा नियम-कानूनों को ताक पर रखकर यह लॉन्ड्री संचालित की जा रही है:

  • प्रदूषण का संकट: लॉन्ड्री की चिमनी से निकलने वाला जहरीला धुआं और मशीनों का शोर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
  • शिक्षा पर प्रभाव: सरकारी स्कूल महज 15 मीटर की दूरी पर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
  • जल प्रदूषण: लॉन्ड्री में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) केवल नाममात्र का है, जिसके कारण रसायनयुक्त गंदा पानी सीधे करतारपुरा नाले और द्रव्यवती नदी में बहाया जा रहा है।
  • अवैध बॉयलर व कनेक्शन: रिहायशी क्षेत्र में बॉयलर लगाना अवैध है, इसके बावजूद नई यूनिटों में भी बिना प्रदूषण विभाग की अनुमति के बॉयलर स्थापित किए गए हैं। साथ ही, औद्योगिक उपयोग के लिए अवैध तरीके से बिजली कनेक्शन लिए गए हैं।
  • सुरक्षा का खतरा: निवासियों को डर है कि अवैध बॉयलरों के संचालन से कभी भी खोनागोरियान जैसे किसी बड़े हादसे जैसी भीषण दुर्घटना हो सकती है।

प्रशासन की उदासीनता पर सवाल: व्यापार मंडल के अध्यक्ष कमल किशोर सैनी और अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जनवरी 2026 में निरीक्षण के बाद नोटिस तो जारी किया, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी न तो रेलवे प्रशासन ने जवाब दिया और न ही प्रदूषण बोर्ड ने कोई ठोस कार्रवाई की।

विरोध प्रदर्शन और मांग: हस्ताक्षर अभियान चलाकर विरोध कर रहे निवासियों का कहना है कि यह क्षेत्र मास्टर प्लान में ‘रिहायशी’ घोषित है, फिर भी फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से पुरुषोत्तम शर्मा, सत्यनारायण जांगिड़, हेमंत भोजवानी, दिनेश शर्मा, सतीश कुमार और प्रकाश गुप्ता शामिल थे। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध लॉन्ड्री को यहां से स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


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