सेप्टिक टैंक के वास्तु दोष-
गलत दिशा में बने सेप्टिक टैंक से घर में अक्सर बीमारियां, मानसिक तनाव, बार-बार दुर्घटनाओं की संभावना, ऑपरेशन, कोर्ट कचहरी की परेशानी, संतान की उन्नति में बाधा, दांपत्य जीवन के साथ ही मान सम्मान में भी कमी देखने को मिल सकती है। वास्तु के अनुसार गलत जगह बना सेप्टिक टैंक आपके पूरे घर की पॉजिटिव एनर्जी को प्रभावित कर सकता है। गलत सेप्टिक टैंक राहु और केतु के बुरे प्रभावों को एक्टिव करके शारीरिक, मानसिक और आर्थिक बर्बादी की ओर आपको खींच सकता है।
● ईशान कोण में बने सेप्टिक टैंक के भयानक दुष्परिणाम देखने को मिलते हैं। घर का यह सबसे पवित्र क्षेत्र देवगुरु बृहस्पति से संबंधित, ज्ञान, संतान, आध्यात्मिकता और समृद्धि से जुड़ा हुआ है। ईशान कोण में सेप्टिक टैंक होने से मानसिक तनाव, आर्थिक रुकावट, प्रतिष्ठा की हानि, आध्यात्मिक पतन, वंश वृद्धि एवं बच्चों की शिक्षा में बाधा, पैरालिसिस और ब्रेन से जुड़ी हुई बीमारियां भी देखने को मिल सकती हैं। यहाँ सेप्टिक टैंक कभी भी नहीं बनाएं, अगर गलती से बन गया है तो इसके चारों ओर सुनहेला रत्नों से युक्त गुरु ग्रह का हस्त निर्मित वैदिक यंत्र अवश्य स्थापित करना चाहिए। ● आग्नेय कोण में सेप्टिक टैंक होने से आगजनी की दुर्घटनाओं की संभावना, कुंडली में शुक्र ग्रह का कमजोर हो जाना, मानसिक तनाव, महिलाओं को बड़ी बीमारियां, बिजनेस में कैश फ्लो की समस्या, दांपत्य जीवन में अशांति, संतान सुख की कमी और व्यर्थ के विवाद भी जीवन में देखने को मिल सकते हैं। यहां भी सेप्टिक टैंक बनाने से बचना चाहिए। अगर गलती से बना हुआ है तो टैंक के चारों ओर ओपल रत्नों से युक्त शुक्र ग्रह के वैदिक यंत्र अवश्य स्थापित करने चाहिए।
● नैऋत्य कोंण में सेप्टिक टैंक होने पर यह राहु का कोण होने के कारण बिजनेस में परेशानी, नौकरी में स्थिरता की कमी, घर के मुखिया के साथ दुर्घटनाएं, धन की हानि, कर्ज, कानूनी विवाद, संतान का बिगड़ना और कोर्ट कचहरी की समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। यहां टैंक होने पर टैंक के चारों तरफ गोमेद रत्नों से युक्त राहु ग्रह के हस्त निर्मित वैदिक यंत्र अवश्य लगायें।
● ब्रह्म स्थान पूरे घर की ऊर्जा का केंद्र है। यहां सैप्टिक टैंक होने पर राहु का बिगड़ना, घर में चोरी की घटनाएं, घर के किसी सदस्य में गलत आदतें, स्वास्थ्य का खराब होना, हार्ट की परेशानी और परिवार में सामंजस्य की कमी भी देखने को मिल सकती है। यहां सेप्टिक टैंक होने से घर के केंद्र में हस्त निर्मित नव रत्नों से युक्त नवग्रह वैदिक यंत्र अवश्य स्थापित करना चाहिए।
● सेप्टिक टैंक की उचित दिशा– सेप्टिक टैंक का काम कचरे को बाहर निकालने का है। सेप्टिक टैंक की उपयुक्त दिशा उत्तर पश्चिम यानि वायव्य कोण है इसके अलावा आप इसे साउथ साउथ वेस्ट में भी बना सकते हैं।
● सेप्टिक टैंक की सावधानियां– बोरवेल, कुआं या भूमिगत जल स्रोत और सेप्टिक टैंक के बीच पर्याप्त दूरी रखें। मुख्य द्वार के ठीक सामने न बनाएं, नियमित सफाई आवश्यक है, वर्षा जल को सेप्टिक टैंक में न जाने दें !
Note-यह लेख ज्योतिषीय दृष्टिकोण पर आधारित है और ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से लिखा गया है।
