जयपुर में ‘AI आधारित स्मार्ट पुलिसिंग’ पर मंथन: डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य को नई दिशा देंगे विशेषज्ञ

जयपुर: राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस का आज दूसरा और अंतिम दिन है। सम्मेलन के समापन सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट पुलिसिंग और डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य पर गहन मंथन किया जाएगा। मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल होंगे।

‘AI इन पुलिसिंग’ बनेगा चर्चा का मुख्य केंद्र

सम्मेलन के आज के सत्र में ‘एआई इन पुलिसिंग’ का विषय सबसे प्रमुख आकर्षण है। देश भर के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि इस बात पर चर्चा करेंगे कि कैसे एआई का उपयोग अपराधों की रोकथाम, त्वरित जांच, प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और साइबर अपराध नियंत्रण में किया जा सकता है। इस दौरान पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डेटा-संचालित (Data-Driven) और प्रिडिक्टिव टेक्नोलॉजी से लैस बनाने पर जोर दिया जाएगा।

डिजिटल गवर्नेंस के नए मॉडल्स पर होगा विमर्श

दो दिवसीय इस सम्मेलन में डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, सुरक्षित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सेवाओं को तकनीक के माध्यम से और अधिक सरल बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये नवाचार ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने में एक मील का पत्थर साबित होंगे।

ई-गवर्नेंस 2026 राष्ट्रीय पुरस्कारों का होगा वितरण

सम्मेलन के समापन समारोह में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों और सरकारी संस्थानों को ‘ई-गवर्नेंस 2026 राष्ट्रीय पुरस्कारों’ से सम्मानित किया जाएगा। डिजिटल नवाचार और नागरिक सेवाओं में सुधार के लिए यह सम्मान क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और संस्थानों के लिए एक बड़ी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

80 से अधिक मंत्रालयों की भागीदारी

इस सम्मेलन में देशभर के 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों, 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इन दो दिनों में डिजिटल गवर्नेंस के सफल मॉडलों के आदान-प्रदान और तकनीकी प्रदर्शनों के माध्यम से शासन को अधिक कुशल बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है।


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