राजस्थान में APO को लेकर वित्त विभाग की नई गाइडलाइन जारी, 30 दिन से अधिक नहीं रखे जा सकेंगे कर्मचारी

जयपुर। राजस्थान सरकार के वित्त विभाग (नियम प्रभाग) ने राज्य कर्मचारियों को ‘आदेशों की प्रतीक्षा में’ (Awaiting Posting Orders – APO) रखने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है. राजस्थान सेवा नियम (RSR), 1951 के नियम 25-ए को लागू करने के संबंध में जारी इन नए दिशा-निर्देशों के तहत अब किसी भी सरकारी कर्मचारी को 30 दिनों से अधिक समय तक APO में नहीं रखा जा सकेगा.

क्यों पड़ी नई गाइडलाइन की जरूरत?

सरकार के संज्ञान में आया था कि प्रशासनिक विभागों और विभागाध्यक्षों द्वारा पूर्व में जारी आदेशों और ज्ञापनों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा था. इसके अलावा, नियमों के उल्लंघन में जारी किए गए APO आदेशों को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर रद्द भी किया गया है. इसी को देखते हुए प्रशासनिक निष्पक्षता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए ये कड़े नियम बनाए गए हैं.

मुख्य दिशा-निर्देश और शर्तें:

  • APO रखने की वैध परिस्थितियाँ: किसी कर्मचारी को केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही APO रखा जा सकता है, जैसे—छुट्टी से लौटने पर, प्रतिनियुक्ति (Deputation) से मूल विभाग में वापसी पर, ट्रेनिंग से लौटने पर, पद का प्रभार छोड़ने और नई पोस्टिंग की प्रतीक्षा करने पर, ट्रांसफर स्वीकार न करने के मामलों में, या सार्वजनिक हित में आवश्यक होने पर.
  • दंड के रूप में उपयोग पर रोक: नियमों में स्पष्ट किया गया है कि APO का उपयोग किसी भी स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई या अनुशासनात्मक कार्यवाही के विकल्प के रूप में नहीं किया जाएगा. न ही इसका उपयोग किसी विभागीय जांच को लटकाने या टालने के लिए किया जा सकता है.
  • कारण बताना होगा अनिवार्य: जब भी किसी कर्मचारी को APO रखने का आदेश जारी किया जाएगा, तो उस आदेश के साथ ही कर्मचारी को इसका कारण भी लिखित में सूचित करना होगा.
  • 30 दिन की सख्त समय सीमा: किसी भी कर्मचारी की APO अवधि 30 दिन से अधिक नहीं होगी. यदि विशेष परिस्थितियों में इसे 30 दिन से आगे बढ़ाना आवश्यक होता है, तो इसके लिए एक विस्तृत चेकलिस्ट के साथ वित्त विभाग से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य होगी.

जवाबदेही तय: मुख्य सचिव करेंगे समीक्षा

राज्य पर पड़ने वाले अनावश्यक वित्तीय बोझ को रोकने के लिए अधिकारियों को समय पर पोस्टिंग आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं. यदि 30 दिनों के भीतर पोस्टिंग नहीं दी जाती है, तो संबंधित प्रशासनिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव को हर महीने मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को डी.ओ. (D.O.) पत्र के जरिए ऐसे कर्मचारियों का पूरा विवरण भेजना होगा.

इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव द्वारा हर तिमाही (Quarterly) में इन मामलों की समीक्षा की जाएगी और इस समीक्षा रिपोर्ट को CMIS पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा


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