जयपुर। जयपुर पुलिस आयुक्तालय (Commissionerate) में शुक्रवार को एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) श्री सचिन मित्तल ने अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी, लगन, मेहनत और समर्पण से निभाने वाले छह जांबाज पुलिसकर्मियों को ‘‘कांस्टेबल ऑफ द मंथ’’ (Constable of the Month) अवॉर्ड से सम्मानित किया।
इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर श्री मित्तल ने कहा कि जयपुर पुलिस का मुख्य ध्येय ‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय’ की भावना को धरातल पर साकार करना है। इसी उद्देश्य के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पहचान देकर सम्मानित किया जा रहा है। इस तरह के पुरस्कारों से न केवल पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि वे और अधिक लगन व समर्पण के साथ जनता की सेवा के लिए प्रेरित होते हैं।
अपराध नियंत्रण, साइबर कार्रवाई और जनसेवा: इन 6 जवानों ने गाड़े झंडे
मई माह 2026 में अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण काम करने वाले जिन छह पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया है, उनका मुख्य योगदान इस प्रकार है:
1. कांस्टेबल सियाराम (थाना जवाहर नगर) – खोए मोबाइल लौटाए
इन्होंने भारत सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर प्रतिदिन के डेटा का बार-बारीकी से तकनीकी विश्लेषण किया। इसके बाद कड़े प्रयासों से गुम हो चुके 30 मोबाइल फोन्स को रिकवर कर उनके असली मालिकों तक सुरक्षित पहुंचाया।
2. कांस्टेबल राकेश कुमार (थाना भांकरोटा) – बुजुर्ग दंपति को दिलाया न्याय
एक बुजुर्ग दंपति के साथ हुई बड़ी वारदात में इन्होंने घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण के जरिए मुख्य अभियुक्त वशिम अख्तर उर्फ गोलू समेत चार बदमाशों को दबोचा। इनके सहयोग से पुलिस ने 44 लाख 50 हजार रुपये नकद, एक देसी पिस्टल, वारदात में प्रयुक्त गाड़ी और फिरौती की रकम से खरीदा गया 80 हजार का सामान बरामद किया।
3. कांस्टेबल मंजीत (थाना माणकचौक) – साइबर ठगों के काल
साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ में इन्होंने बैंक खातों (Mule Accounts) का तकनीकी विश्लेषण कर शातिर साइबर ठग मंजूर अली, जाकिर खान और प्रेम कुमार योगी को सलाखों के पीछे भिजवाया। इसके अलावा, एक अन्य अभियान में इन्होंने अकेले 130 गुमशुदा मोबाइल रिकवर कर जनता को लौटाए।
यातायात, वीआईपी सुरक्षा और सांख्यिकी में भी उत्कृष्ट कार्य
- कांस्टेबल लालाराम (अपराध शाखा, डीसीपी दक्षिण कार्यालय): इन्होंने दक्षिण जिले के पूरे आपराधिक आंकड़ों और सांख्यिकी (Statistics) से संबंधित बेहद जटिल पीपीटी (PPT) कार्य को कड़े परिश्रम और लगन के साथ समय पर तैयार कर उच्च अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया।
- कांस्टेबल राहुल (यातायात दक्षिण): इन्होंने जयपुर की सड़कों पर यातायात के सुगम संचालन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम जनता को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की।
- कांस्टेबल नरेन्द्र नेहरा (डीआरएफ शाखा, रिजर्व पुलिस लाइन): इन्होंने जयपुर कमिश्नरेट में वीआईपी (VIP) और वीवीआईपी (VVIP) के आगमन के दौरान एस्कॉर्ट, पायलट और पीएसओ (PSO) जैसी बेहद संवेदनशील ड्यूटियों को पूरी मुस्तैदी और कड़ी मेहनत के साथ संपादित किया।
कमिश्नर का संदेश: > इस सम्मान समारोह के बाद पुलिस कमिश्नरेट के अन्य जवानों में भी नया उत्साह देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कांस्टेबलों की पीठ थपथपाने से थानों की कार्यप्रणाली में और अधिक सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।