Expose Now का बड़ा खुलासा: मुख्यमंत्री के गृह जिले में बेजुबानों की जिंदगी से खिलवाड़, घावों पर दवा की जगह लगाया जा रहा था ‘मिलावटी’ पानी !

-मुख्यमंत्री निःशुल्क पशुधन आरोग्य योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, जांच में पोविडोन आयोडीन का मुख्य सॉल्ट मिला ‘शून्य’

-जयपुर की विनायक मैन्यूट्रेंड प्राइवेट लिमिटेड की 925 बोतलें जब्त, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश

-मुख्यमंत्री निःशुल्क पशुधन आरोग्य योजना’ में इलाज और भुगतान दोनों पर उठे गंभीर सवाल

भरतपुर। राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री निःशुल्क पशुधन आरोग्य योजना’ में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे पशुपालन विभाग और दवा आपूर्ति प्रणाली को हिलाकर रख दिया है। पशुओं के घावों को ठीक करने और संक्रमण रोकने के लिए सप्लाई की गई ‘पोविडोन आयोडीन सॉल्यूशन’ दवा की बोतलों में दवा की जगह महज गंदा पानी भरा होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (Drug Testing Laboratory) की जांच रिपोर्ट में इस दवा को पूरी तरह ‘अवमानक’ (Substandard) घोषित कर दिया गया है।

शिकायत के बाद लैब जांच रिपोर्ट में फूटा भंडाफोड़, मुख्य सॉल्ट ही गायब:-

भरतपुर जिला औषधि भंडार में शिकायत मिलने के बाद जांच समिति ने जब विनायक मैन्यूट्रेंड प्राइवेट लिमिटेड, झोटवाड़ा (जयपुर) द्वारा आपूर्ति की गई पोविडोन आयोडीन सॉल्यूशन आईपी-5% (बैच संख्या: पीआईई-61) की जांच की, तो परिणाम हैरान करने वाले थे। दवा का मुख्य सॉल्ट ‘आयोडीन’ पूरी तरह शून्य पाया गया। समिति को बोतलों में भरा तरल न तो पोविडोन आयोडीन जैसा मिला और न ही उसमें उसकी विशिष्ट गंध या गाढ़ापन था। यह दवा पूरी तरह से पारदर्शी और गंदे पानी जैसी दिखाई दे रही थी। इस गंभीर धोखाधड़ी के बाद जांच समिति ने उक्त मैन्युफैक्चरिंग फर्म को तत्काल काली सूची (Blacklist) में डालने की मजबूत अनुशंसा की है।

925 बोतलें जब्त, वितरण पर लगी रोक:-

मामले की गंभीरता को देखते हुए औषधि नियंत्रण अधिकारी कौमुदी सिंह ने 7 मई 2026 को इस संदिग्ध बैच का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था और साथ ही इसके वितरण पर तुरंत रोक लगा दी थी। 8 जून को जैसे ही लैब से दवा के फेल होने की रिपोर्ट आई, विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस बैच की 500 एमएल वाली कुल 925 बोतलें जब्त कर लीं। रिकॉर्ड के अनुसार, इस नकली दवा की मैन्यूफैक्चरिंग तारीख सितंबर 2025 और एक्सपायरी तारीख अगस्त 2027 दर्ज थी।

हजारों पशुओं की जान खतरे में, बिल भुगतान पर उठे सवाल:-

पोविडोन आयोडीन का उपयोग पशुओं के घावों की सफाई, संक्रमण रोकने और सर्जरी (शल्यक्रिया) के बाद उनके इलाज के लिए किया जाता है। दवा में मुख्य तत्व गायब होने से हजारों बेजुबान पशुओं के उपचार की प्रभावशीलता पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। इस लापरवाही या जानबूझकर की गई धोखाधड़ी से पशुओं में संक्रमण फैलने और उनकी जान जाने का खतरा मंडरा रहा था। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि एक तरफ जहां पशुओं को पानी लगाया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ इस नकली दवा का बिल भुगतान के लिए पहले ही निदेशालय, जयपुर भेजा जा चुका था।

अधिकारियों का पक्ष:-

“सैंपल जांच में दवा में मुख्य सॉल्ट की मात्रा शून्य मिली है, जिसके बाद इसे अवमानक घोषित किया गया है। संबंधित बैच की उपलब्ध 925 बोतलें जब्त कर ली गई हैं। अब इस मामले में ‘औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— चैतन्य प्रकाश पंवार, एडीसी, औषधि नियंत्रक विभाग, भरतपुर

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now

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