लव जिहाद और धर्मांतरण के आरोप पर बवाल: राजसमंद का भीम कस्बा पूरी तरह बंद, हिंदू संगठनों का आक्रोश; 7 थानों की पुलिस तैनात

राजसमंद। राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम कस्बे में एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और जबरन धर्मांतरण (Forced Conversion) के प्रयास का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कथित ‘लव जिहाद’ और पुलिस की ढीली कार्रवाई से नाराज हिंदू संगठनों के आह्वान पर गुरुवार को भीम कस्बा संपूर्ण रूप से बंद रहा। कस्बे के चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सुजाजी चौक स्थित हनुमान मंदिर के बाहर हजारों की संख्या में लोग महापड़ाव डालकर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी जिला कलेक्टर और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हैं।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ था मामला

मिली जानकारी के अनुसार, समुदाय विशेष के एक युवक ने सोशल मीडिया के जरिए हिंदू समाज की एक नाबालिग किशोरी से दोस्ती की थी। इसके बाद आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। परिजनों और स्थानीय हिंदू संगठनों को जब यह इनपुट मिला कि किशोरी पर जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा है, तो आक्रोश भड़क गया। संगठनों के भारी दबाव के बाद पुलिस ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए एक महिला और एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य नाबालिग को डिटेन (हिरासत में) किया है।

पुलिस पर मिलीभगत के आरोप, बाजार पूरी तरह ठप

हिंदू संगठनों का सीधा आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस गंभीर मामले में अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है और उसकी भूमिका संदिग्ध है। इसी मिलीभगत और ढीली कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को भीम कस्बे के बाजार पूरी तरह स्वैच्छिक रूप से बंद रहे।

फल-सब्जी मंडी से लेकर सभी मुख्य व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानें ठप पड़ी हैं। हालांकि, बंद के दौरान आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं जैसे- एंबुलेंस, मेडिकल स्टोर, निजी व सरकारी अस्पतालों और चाय-पान की दुकानों को बंद से मुक्त रखा गया है।

पुलिस छावनी में बदला कस्बा, अधिकारी कर रहे समझाइश

कस्बे में व्याप्त तनाव और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने भीम कस्बे को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिले के 7 थानों के जाब्ते (पुलिस बल) सहित भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। साथ ही, 8 थाना अधिकारियों (SHOs) को अलग-अलग संवेदनशील पॉइंट्स पर कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।

कलेक्टर-एसपी को बुलाने की मांग: दोपहर बाद सुजाजी चौक पर हिंदू संगठनों की एक बड़ी बैठक आयोजित हुई, जिसमें समाजसेवी गोपाल पीटीआई सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि जिला कलेक्टर और एसपी स्वयं मौके पर आएं और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। धरना स्थल पर तैनात उपखंड अधिकारी (SDM) और डीवाईएसपी (DySP) भीम लगातार लोगों को समझाने और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दे रहे हैं, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण और संगठन के लोग अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

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