‘ऑपरेशन 80 फीट’ तो बस झांकी है, असली मास्टरप्लान अभी बाकी है!टोंक रोड का ट्रैफिक महल रोड पर शिफ्ट करने की विधिक तैयारी में जुटा जेडीए

जयपुर। राजधानी जयपुर के नंदपुरी और जगतपुरा इलाके में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन 80 फीट’ की गूंज और कड़क विधिक प्रशासनिक कार्रवाई की चर्चाएं इस वक्त पूरे देश के मीडिया हलकों में हो रही हैं। कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मंगलवार को जयपुर के कई संवेदनशील संभागों में एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं (Netबंदी) पूरी तरह ठप रहीं और सुरक्षा के मद्देनजर अभियान की मुख्य साइट पर किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडियाकर्मी को विधिक प्रवेश नहीं दिया गया।

जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने भारी पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में ‘राइट ऑफ वे’ (ROW) में आ रहे कुल 5 बड़े अवैध धार्मिक स्थलों (जिसमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक मजार और एक सत्संग भवन शामिल हैं) को विधिक रूप से पूरी तरह हटा दिया है। फिलहाल अभियान स्थल पर ध्वस्तीकरण का मलबा इस सांख्यिकीय तादाद में जमा है कि उसे ट्रकों के जरिए साफ करने में आज (बुधवार) भी पूरा दिन लग जाएगा। हालांकि, इस नवनिर्मित मार्ग में अब भी 9 ऐसे पक्के व्यावसायिक व आवासीय भवन शेष हैं, जिन पर माननीय न्यायालय का विधिक ‘स्टे’ (रोक) लगा हुआ है। जेडीए प्रशासन ने इन भवन स्वामियों को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे स्वयं इस विधिक स्टे को तत्काल वेकेट (हटवा) करा लें, अन्यथा जेडीए इस बाधा को दूर करने के लिए खुद उच्च न्यायालय में कैविएट दाखिल करेगा।

सिर्फ नंदपुरी नहीं; टोंक रोड से महल रोड तक का पूरा भूगोल री-डेफाइन होगा

अब जयपुर की जनता और नगर नियोजकों के जेहन में सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि क्या जेडीए की यह ताबड़तोड़ तोड़फोड़ केवल नंदपुरी की एक सड़क को चौड़ा करने के लिए हुई है?

यह तो जेडीए के एक विशाल ‘एरिया-बेस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान’ (Area-Based Traffic Management Plan) की महज एक छोटी सी शुरुआत है। यह पूरा प्रोजेक्ट टोंक रोड से लेकर जगतपुरा महल रोड के संपूर्ण त्रिकोणीय क्षेत्र के भूगोल को विधिक रूप से री-डेफाइन करने के लिए तैयार किया गया है, जिसके मुख्य सांख्यिकीय और विधिक आयाम निम्नलिखित हैं:

  • ट्रैफिक शिफ्टिंग का मेगा प्लान: जयपुर के सबसे व्यस्ततम और वीआईपी मार्गों में से एक ‘टोंक रोड’ पर वर्तमान में शहरी और बाह्य वाणिज्यिक वाहनों का भारी दबाव है। जेडीए ने टोंक की तरफ जाने वाले भारी और अंतर-जिला ट्रैफिक को सीधे जगतपुरा महल रोड पर डायवर्ट (शिफ्ट) करने का मास्टरप्लान तैयार किया है। इसके तहत जिसे भी जयपुर शहर के बाहर टोंक-कोटा की तरफ जाना होगा, उसे टोंक रोड पर आने की आवश्यकता नहीं होगी; वह महल रोड से सीधे सांगानेर-सीतापुरा क्रॉस करके नेशनल हाईवे पर विधिक रूप से निकल जाएगा।
  • सड़कों का चौड़ीकरण: इस भारी ट्रैफिक दबाव को सुचारू रूप से संभालने के लिए मालवीय नगर, बी-2 बायपास और जगतपुरा को सीतापुरा से जोड़ने वाली दर्जनों लिंक सड़कों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें विधिक नोटिस देकर इसी महीने अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

महल रोड से हटेंगे सभी 5 ट्रैफिक सिग्नल; सितंबर 2026 की डेडलाइन तय

टोंक रोड से शिफ्ट होने वाले हजारों वाहनों के सांख्यिकीय भार को बिना किसी रुकावट के गुजारने के लिए जेडीए ने महल रोड को पूरी तरह से ‘सिग्नल-फ्री कॉरिडोर’ (Signal-Free Corridor) में बदलने की विधिक घोषणा की है। इस योजना के तहत महल रोड पर आने वाले सभी 5 प्रमुख ट्रैफिक सिग्नलों को स्थायी रूप से हटाकर वहां आधुनिक यू-टर्न और अंडरपास विकसित किए जाएंगे। जेडीए के अभियंताओं के अनुसार, इस सिग्नल-फ्री प्रोजेक्ट के सिविल कार्य की अंतिम विधिक डेडलाइन सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

गायब हो चुकी सड़क को तलाशेंगे जेडीसी; नेस्कॉम बनी तकनीकी सलाहकार

नंदपुरी में जिस सड़क से 134 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए हैं, उसके बिल्कुल सामने रेलवे लाइन के समानांतर (पैरेलल) भी राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Records) में एक और 80 फीट चौड़ी रोड पहले से ही विधिक रूप से प्रस्तावित है। सांख्यिकीय हकीकत यह है कि भूमाफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं के चलते यह प्रस्तावित सड़क धरातल से पूरी तरह गायब हो चुकी है और वहां कॉलोनियां बस गई हैं। जेडीए के आयुक्त (JDC) श्री सिद्धार्थ महाजन इसी सप्ताह इस गायब हो चुकी सड़क का विधिक सीमांकन करने के लिए जमीनी दौरा कर सकते हैं।

इस सड़क को दोबारा हासिल करने के लिए इसी महीने के अंत तक अवैध निर्माणों पर विधिक नोटिस चस्पा करने की क्रोनोलॉजी शुरू कर दी जाएगी। जेडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पिछले दिनों जेडीए सचिवालय में आयोजित हुई ‘ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड’ (TCB) की उच्च स्तरीय बैठक में इस पूरे प्रोजेक्ट को विधिक मंजूरी प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी यातायात प्रबंधन को त्रुटिहीन बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित संस्था ‘नेस्कॉम’ (NASSCOM) को आधिकारिक तकनीकी व सलाहकार फर्म (Consultant Firm) नियुक्त किया गया है, जो इस पूरे रूट के डिजिटल ट्रैफिक फ्लो मॉडल को डिजाइन कर रही है।

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