जयपुर (Expose Now ब्यूरो)। राजस्थान के बहुचर्चित 20 हजार करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कानूनी कार्रवाई लगातार सख्त होती जा रही है। इस महा-घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल को अदालत से बड़ा झटका लगा है। जयपुर स्थित ACB-2 कोर्ट ने सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है।
ACB कोर्ट ने आरोपों को माना बेहद गंभीर
ACB-2 कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार दडिया ने मामले की सुनवाई करते हुए सुबोध अग्रवाल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को बेहद गंभीर प्रकृति का माना। सरकार की ओर से पैरवी कर रहीं लोक अभियोजक मंजुला जैन ने जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध किया।
लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि ACB के अनुसंधान (Investigation) में रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल को प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है और उनके खिलाफ विस्तृत जांच अभी विचाराधीन है।
जांच में सहयोग न करने और फरार रहने की दलील
अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी सुबोध अग्रवाल ने जांच प्रक्रिया में ACB का बिल्कुल सहयोग नहीं किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लंबे समय तक फरार रहे। गौरतलब है कि ACB की विशेष टीमों ने काफी मशक्कत के बाद 9 अप्रैल को सुबोध अग्रवाल को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
बचाव पक्ष की दलीलें रहीं बेअसर
आरोपी सुबोध अग्रवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस.एस. होरा ने अदालत में पैरवी की। उन्होंने बचाव में दलील दी कि उनके मुवक्किल पूरी तरह बेगुनाह हैं और ACB ने उन्हें केवल ‘श्रुत साक्ष्य’ (सुनी-सुनाई बातों) के आधार पर गिरफ्तार किया है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इस मामले के विचारण (Trial) में काफी लंबा समय लगेगा, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत 11 आरोपी न्यायिक हिरासत में
जल जीवन मिशन घोटाले में ACB की ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते कई रसूखदार चेहरे सलाखों के पीछे हैं। इस प्रकरण में पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश जोशी सहित कुल 11 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में हैं। अन्य आरोपियों में शामिल हैं:
- संजय बडाया
- दिनेश गोयल
- कृष्णदीप गुप्ता
- शुभांशु दीक्षित
- सुशील शर्मा
- विशाल सक्सेना
- डी.के. गौड़
- महेंद्र प्रकाश सोनी
- मुकेश पाठक
- निरिल कुमार
एक को मिली जमानत, तीन की तलाश जारी
इस प्रकरण में अब तक केवल एक आरोपी अरुण श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं, जांच एजेंसी को अभी भी घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों— जितेन्द्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता की सरगर्मी से तलाश है। इन तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं।