जयपुर। राजस्थान के कृषि विभाग और बीज व्यापार से जुड़ी जांचों को लेकर चल रहा विवाद अब राज्य के सबसे बड़े भ्रष्टाचार के मामलों में तब्दील हो गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शनिवार को एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम के मौजूदा डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उनके रिश्तेदार स्वतंत्र ज्याणी को 2.43 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। प्रदेश के इतिहास में किसी एकल ट्रैप के दौरान पकड़ी गई यह सबसे बड़ी रिश्वत राशियों में से एक है।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भजनलाल सरकार और विशेष रूप से कैबिनेट कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।
क्या है 2.43 करोड़ रुपए का यह पूरा घूसकांड?
ACB मुख्यालय से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उनके रिश्तेदार स्वतंत्र ज्याणी के खिलाफ एक प्रतिष्ठित बीज उत्पादक कंपनी और स्थानीय खाद-बीज व्यापारियों के संघ ने शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप: शिकायत में कहा गया था कि कृषि विभाग की टीम द्वारा पिछले दिनों बीकानेर, सीकर और अन्य जिलों में की गई छापेमारी में भारी अनियमितताओं का डर दिखाकर और कानूनी कार्रवाई को रफा-दफा करने की एवज में करोड़ों रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है।
कार्रवाई: एसीबी ने इस शिकायत का गोपनीय तकनीकी वेरिफिकेशन करवाया, जो पूरी तरह सच साबित हुआ। इसके बाद शनिवार को एसीबी की विशेष टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को 2.43 करोड़ रुपए (नकद और डिजिटल ट्रांजैक्शन की सौदेबाजी) के साथ धर दबोचा। पुलिस अब आरोपियों के ठिकानों और कार्यालयों को खंगाल रही है, जहां से कई अहम दस्तावेज मिलने की उम्मीद है।
भाजपा सरकार के संरक्षण में चल रही डकैती: गोविंद सिंह डोटासरा
इस कार्रवाई के तुरंत बाद राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया और प्रेस के जरिए भजनलाल सरकार पर तीखे हमले किए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग में छापेमारी की आड़ में लंबे समय से अवैध उगाही का खेल चल रहा था।
भाजपा सरकार के संरक्षण में डकैती…
कल मैंने कहा था कि कृषि विभाग में छापेमारी की आड़ में कमीशनखोरी और उगाही का खेल चल रहा है। आज ACB ने राजस्थान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उसके रिश्तेदार स्वतंत्र ज्याणी को 2.43 करोड़ की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया… pic.twitter.com/Ce9bQRVrUW
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) June 7, 2026
डोटासरा ने उठाए ये गंभीर सवाल:
मंत्री के साथ घूमते थे आरोपी: डोटासरा ने दावा किया कि पकड़े गए ये दोनों रिश्वतखोर बीकानेर, सीकर, जोधपुर, भीलवाड़ा और श्रीगंगानगर में हुई छापेमारी के दौरान खुद कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के साथ उनके मुख्य चेहरे के रूप में मौजूद थे।
500 करोड़ रुपए की उगाही: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जोधपुर और सुजानगढ़ में भी कार्रवाई का डर दिखाकर व्यापारियों से करोड़ों रुपए ऐंठे गए। पूरे राजस्थान में इस छापेमारी सिंडिकेट द्वारा करीब 500 करोड़ रुपए की उगाही की गई है।
भ्रष्टाचार की डोर ऊपर तक: उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल किया कि जब मंत्री के बगल में बैठने वाले अधिकारी करोड़ों की रिश्वत ले रहे थे, तो क्या इसकी डोर ऊपर तक जुड़ी हुई है या मंत्री जी इस भारी भ्रष्टाचार से पूरी तरह बेखबर थे?
जांच के नाम पर करोड़ों की वसूली: टीकाराम जूली
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा राज में भ्रष्टाचार का एक नया मॉडल तैयार किया गया है। जूली ने कहा, “पहले बड़ी बीज कंपनियों और व्यापारियों पर विभाग के जरिए बड़े छापे मरवाए जाते हैं, और फिर पीछे से अपने खास लोगों को भेजकर करोड़ों रुपए की एकमुश्त वसूली कर ली जाती है।” जूली ने मुख्यमंत्री से इस पूरे रैकेट की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सरकार पहले बीज कम्पनियों पर जांच के नाम पर छापे मारती है और फिर अपने लोग भेजकर उनसे करोड़ों की वसूली करती है; भाजपा राज में इसे ही "जीरो टॉलरेंस" कहा जाता है!
आज ACB ने राजस्थान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उसके रिश्तेदार को ₹2.43 करोड़ की रिश्वत लेते… pic.twitter.com/ADKC02uy1O
क्या अब इस्तीफा देंगे कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा?
इस 2.43 करोड़ के घूसकांड के बाद सबसे बड़ा राजनीतिक संकट कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के सामने खड़ा हो गया है। दरअसल, जब पिछले दिनों सीकर में कृषि विभाग के कर्मचारियों पर व्यापारियों ने 20 लाख रुपए की घूस मांगने का आरोप लगाकर हड़ताल की थी, तब मंत्री मीणा ने अपनी टीम का बचाव किया था।
मंत्री ने ‘X’ पर किया था यह दावा:“नकली बीज माफियाओं के खिलाफ हमारी टीम ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्रवाई की। झूठे आरोप लगाकर किसानों की लड़ाई को कमजोर नहीं किया जा सकता। यदि भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाए तो पद छोड़ दूँगा। लेकिन किसानों के हितों से समझौता कभी नहीं होगा।”
नकली बीज माफियाओं के खिलाफ हमारी टीम ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्रवाई की। झूठे आरोप लगाकर किसानों की लड़ाई को कमजोर नहीं किया जा सकता।
— Dr. Kirodi Lal Meena (@DrKirodilalBJP) June 6, 2026
अब जबकि उन्हीं के विभाग (बीज निगम) के डायरेक्टर 2.43 करोड़ रुपए की घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए हैं, तो कांग्रेस ने किरोड़ी लाल मीणा के इसी पुराने ट्वीट को ढाल बनाते हुए उनसे नैतिकता के आधार पर तुरंत मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग तेज कर दी है।